Bihar: भागलपुर में 4 मई 2026 की देर रात विक्रमशिला सेतु का एक स्लैब गंगा नदी में गिर गया। इस हादसे की वजह से भागलपुर और नवगछिया के बीच सड़क संपर्क पूरी तरह टूट गया है और वाहनों की आवाजाही बंद हो गई है। पुल गिरने के बाद ग
Bihar: भागलपुर में 4 मई 2026 की देर रात विक्रमशिला सेतु का एक स्लैब गंगा नदी में गिर गया। इस हादसे की वजह से भागलपुर और नवगछिया के बीच सड़क संपर्क पूरी तरह टूट गया है और वाहनों की आवाजाही बंद हो गई है। पुल गिरने के बाद गंगा पार करने के लिए नावों का सहारा लेना पड़ रहा है, जहां कुछ नाव संचालक यात्रियों से मनमाना किराया वसूल रहे थे।
पुल गिरने की वजह और अब क्या है स्थिति?
यह हादसा रात करीब 12:55 बजे पिलर नंबर चार और पांच के बीच हुआ। गनीमत रही कि घटना से पहले ही ट्रैफिक रोक दिया गया था, जिससे कोई जान-माल का नुकसान नहीं हुआ। जिलाधिकारी और SSP ने मौके पर पहुंचकर सुरक्षा बढ़वा दी है और पुल के दोनों तरफ प्रवेश बंद कर दिया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मरम्मत के लिए सेना से मदद मांगी है और राज्य पुल निर्माण निगम ने दावा किया है कि तीन महीने में पुल दोबारा चालू हो जाएगा। लापरवाही के आरोप में संबंधित कार्यपालक अभियंता को सस्पेंड कर दिया गया है।
नावों का किराया और प्रशासन के नए नियम
पुल बंद होने के बाद यात्रियों की परेशानी को देखते हुए प्रशासन ने मुफ्त नाव सेवा शुरू की है। साथ ही, निजी नावों के लिए 5 मई 2026 को एक आधिकारिक रेट चार्ट जारी किया गया है। जिला प्रशासन ने सख्त निर्देश दिए हैं कि कोई भी नाविक तय किराए से एक रुपया भी ज्यादा नहीं लेगा। अगर कोई ऐसा करता है तो उस पर कानूनी कार्रवाई होगी। 12 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए किराया 25 रुपये तय किया गया है। यात्रियों से अपील की गई है कि वे केवल तय रेट पर ही भुगतान करें।
पूर्णिया में कनकई नदी पर पुल की समस्या
भागलपुर के साथ-साथ पूर्णिया के लोग भी दशकों से पुल न होने की समस्या झेल रहे हैं। कनकई नदी पर पुल न होने से हजारों लोग मूलभूत सुविधाओं से दूर हैं। जून 2022 में तालबाड़ी गांव का एक पुल गिर गया था और जुलाई 2024 में भी कटाव की वजह से सड़क टूट गई थी। हालांकि, जनवरी 2025 में कुछ अधूरे पुलों के निर्माण का शिलान्यास किया गया और अगस्त 2024 में 143 नए पुलों का प्रस्ताव भेजा गया है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
विक्रमशिला सेतु कब तक ठीक होगा?
राज्य पुल निर्माण निगम के अध्यक्ष चंद्रशेखर सिंह के अनुसार, पुल का कोई पिलर क्षतिग्रस्त नहीं हुआ है और मरम्मत कार्य के बाद इसे तीन महीने के भीतर फिर से चालू कर दिया जाएगा।
नावों के लिए प्रशासन ने क्या नियम बनाए हैं?
जिला प्रशासन ने निजी नावों के लिए आधिकारिक रेट चार्ट जारी किया है। नाविकों को निर्धारित दर से अधिक किराया वसूलने पर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है और बच्चों के लिए किराया 25 रुपये तय किया गया है।