Bihar: भागलपुर के सुल्तानगंज नगर परिषद कार्यालय में हुए खूनी हमले में घायल सभापति राजकुमार गुड्डू का निधन हो गया है. पटना के एक निजी अस्पताल में करीब 12 दिनों तक इलाज चलने के बाद 9 मई, 2026 को उन्होंने दम तोड़ दिया. इस घ
Bihar: भागलपुर के सुल्तानगंज नगर परिषद कार्यालय में हुए खूनी हमले में घायल सभापति राजकुमार गुड्डू का निधन हो गया है. पटना के एक निजी अस्पताल में करीब 12 दिनों तक इलाज चलने के बाद 9 मई, 2026 को उन्होंने दम तोड़ दिया. इस घटना ने पूरे इलाके में शोक और तनाव का माहौल बना दिया है.
क्या थी पूरी घटना और कौन हुए शिकार
यह मामला 28 अप्रैल, 2026 का है जब सुल्तानगंज नगर परिषद कार्यालय में दिनदहाड़े गोलीबारी हुई थी. हमले में सभापति राजकुमार गुड्डू को सिर और सीने में गोली लगी थी. उनके साथ ही कार्यपालक पदाधिकारी (EO) कृष्ण भूषण कुमार की मौके पर ही मौत हो गई थी. बताया जाता है कि EO साहब ने राजकुमार गुड्डू को बचाने की कोशिश में गोली खाई थी.
हमले के पीछे की वजह और आरोपियों का हाल
पुलिस जांच में सामने आया कि यह हमला टेंडर विवाद और सत्ता के संघर्ष की वजह से हुआ था. साथ ही अजगैबीनाथ ट्रस्ट की करीब 50 एकड़ जमीन, जिसकी कीमत 100 करोड़ रुपये से ज्यादा है, उसके अवैध कब्जे का विरोध करने पर यह साजिश रची गई. मुख्य आरोपी रामधनी यादव को पुलिस ने 29 अप्रैल को मुठभेड़ में मार गिराया, जबकि उसके साले और दीपक नाम के आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है.
सरकार का एक्शन और वर्तमान स्थिति
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इस घटना पर गहरा दुख जताया है. उन्होंने डीजीपी को निर्देश दिया है कि इस मामले में स्पीडी ट्रायल चलाया जाए ताकि दोषियों को जल्द से जल्द कड़ी सजा मिल सके. फिलहाल पुलिस एस्कॉर्ट के तहत राजकुमार गुड्डू के शव को अंतिम संस्कार के लिए सुल्तानगंज लाया जा रहा है. घटना के बाद से ही नगर परिषद कार्यालय को सील कर दिया गया है.
Frequently Asked Questions (FAQs)
सुल्तानगंज नगर परिषद शूटआउट का मुख्य कारण क्या था
प्रारंभिक जांच के अनुसार यह हमला टेंडर विवाद, राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता और अजगैबीनाथ ट्रस्ट की 100 करोड़ रुपये मूल्य की जमीन पर अवैध कब्जे के विरोध के कारण हुआ था.
इस हमले में कुल कितने लोगों की जान गई
इस हमले में दो मुख्य लोगों की मौत हुई. कार्यपालक पदाधिकारी कृष्ण भूषण कुमार की घटना स्थल पर ही मौत हो गई थी और सभापति राजकुमार गुड्डू का 9 मई को इलाज के दौरान निधन हो गया.