Bihar: भागलपुर जिले के नवगछिया स्थित खैरपुर कदवा में एक बड़ा हादसा हुआ है. यहाँ शौचालय की टंकी की सेटिंग खोलते समय जहरीली गैस की वजह से तीन मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई. इस घटना के बाद से पूरे इलाके में शोक का माहौल ह
Bihar: भागलपुर जिले के नवगछिया स्थित खैरपुर कदवा में एक बड़ा हादसा हुआ है. यहाँ शौचालय की टंकी की सेटिंग खोलते समय जहरीली गैस की वजह से तीन मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई. इस घटना के बाद से पूरे इलाके में शोक का माहौल है और प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है.
हादसा कैसे हुआ और प्रशासन की क्या कार्रवाई रही?
यह दर्दनाक घटना 22 अप्रैल 2026 को हुई. मजदूर जब शौचालय की टंकी की सफाई के लिए उसकी सेटिंग खोल रहे थे, तभी अंदर मौजूद जहरीली गैस की वजह से उनका दम घुट गया. खबर मिलते ही कदवा और नवगछिया थाना की पुलिस मौके पर पहुंची. नवगछिया के प्रखंड विकास पदाधिकारी और जिला परिषद अध्यक्ष विपिन मंडल ने अस्पताल पहुंचकर पीड़ित परिवारों से मुलाकात की और उन्हें ढांढस बंधाया.
मैनुअल सफाई को लेकर क्या हैं सरकारी नियम और कानून?
भारत में बिना सुरक्षा उपकरणों के सेप्टिक टैंक की सफाई करना गैरकानूनी है. इसके लिए कड़े नियम बनाए गए हैं:
- PEMSR अधिनियम 2013: इस कानून के तहत हाथ से मैला ढोने और बिना सुरक्षा के टैंक साफ करने पर पूरी तरह प्रतिबंध है.
- सजा का प्रावधान: मैनुअल तरीके से सेप्टिक टैंक की सफाई कराने पर 5 साल तक की जेल और 5 लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकता है.
- सुप्रीम कोर्ट का निर्देश: कोर्ट ने सफाई के काम को पूरी तरह मशीनीकृत करने और पीड़ितों को मुआवजा देने का आदेश दिया है.
सफाई कर्मियों की सुरक्षा के लिए सरकार की योजनाएं
सरकार ने मैनुअल स्कैवेंजिंग को खत्म करने के लिए कई कदम उठाए हैं ताकि भविष्य में ऐसे हादसे न हों:
| योजना का नाम |
मुख्य उद्देश्य |
| स्वच्छ भारत मिशन (शहरी 2.0) |
छोटे शहरों में मशीनों की खरीद के लिए 371 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं. |
| नमस्ते (NAMASTE) |
सफाई के काम को मशीनीकृत करना और पारिस्थितिकी तंत्र सुधारना. |
| सफाईमित्र सुरक्षा चैलेंज |
सफाई कर्मियों की सुरक्षा और उनके पुनर्वास पर जोर देना. |