Bihar के भागलपुर में सविता कुमारी ने बदली अपनी किस्मत, जीविका के सहारे बनीं सफल उद्यमी

Bhagalpur: बिहार के ग्रामीण इलाकों में अब महिलाएं घर की चारदीवारी से बाहर निकलकर अपनी पहचान बना रही हैं। भागलपुर जिले के गोराडीह प्रखंड की रहने वाली सविता कुमारी ने इसका जीता-जागता उदाहरण पेश किया है। बिशनपुर जिच्छो ग्रा

Bhagalpur: बिहार के ग्रामीण इलाकों में अब महिलाएं घर की चारदीवारी से बाहर निकलकर अपनी पहचान बना रही हैं। भागलपुर जिले के गोराडीह प्रखंड की रहने वाली सविता कुमारी ने इसका जीता-जागता उदाहरण पेश किया है। बिशनपुर जिच्छो ग्राम पंचायत की रहने वाली सविता ने आर्थिक तंगी और पारिवारिक मुश्किलों के बीच हार नहीं मानी और जीविका के जरिए खुद को आत्मनिर्भर बनाया।

सविता कुमारी का यह सफर एक साधारण घरेलू महिला से शुरू होकर एक सफल उद्यमी तक पहुंचा है। उन्होंने जीविका (Bihar Rural Livelihoods Project) के सहयोग से स्वरोजगार अपनाया और अब अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को सुधारने में मुख्य भूमिका निभा रही हैं। जीविका कार्यक्रम का मकसद ही ग्रामीण गरीबों, खासकर महिलाओं का सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण करना है, जिसे बिहार ग्रामीण जीविकोपार्जन प्रोत्साहन समिति (BRLPS) संचालित करती है।

भागलपुर में जीविका दीदियों का प्रभाव लगातार बढ़ रहा है। हाल ही में जिला प्रशासन ने बरारी घाट पर एक कम्युनिटी किचन की शुरुआत की है, जिसे जीविका दीदियां ही चला रही हैं और यहाँ 50 रुपये में पूरा भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके अलावा जिले के पीरपैंती, सबौर और जगदीशपुर जैसे इलाकों की रेखा देवी, स्वर्ण संध्या भारती और फरहाना जैसी महिलाओं ने भी सरकारी योजनाओं का लाभ उठाकर कामयाबी हासिल की है।

बिहार सरकार और विश्व बैंक के सहयोग से चलने वाला यह प्रोजेक्ट ग्रामीण महिलाओं को ऋण और ट्रेनिंग उपलब्ध कराता है। हालांकि, कुछ समय पहले सुल्तानगंज ब्लॉक की जीविका कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री महिला उद्यमी योजना के तहत बकाया सहायता राशि के लिए प्रदर्शन भी किया था, लेकिन समग्र रूप से यह कार्यक्रम महिलाओं को बिजनेस से जोड़ने का काम कर रहा है।