Bihar: राज्य में पड़ रही भीषण गर्मी के बीच Bhagalpur Police ने अभिभावकों के लिए एक जरूरी चेतावनी जारी की है। पुलिस ने लोगों को आगाह किया है कि बच्चों को बंद कार में अकेला छोड़ना जानलेवा हो सकता है। इस संदेश को Bihar Poli
Bihar: राज्य में पड़ रही भीषण गर्मी के बीच Bhagalpur Police ने अभिभावकों के लिए एक जरूरी चेतावनी जारी की है। पुलिस ने लोगों को आगाह किया है कि बच्चों को बंद कार में अकेला छोड़ना जानलेवा हो सकता है। इस संदेश को Bihar Police ने भी रिट्वीट कर लोगों तक पहुँचाया है ताकि किसी बड़ी अनहोनी को रोका जा सके।
बंद कार में बच्चे को छोड़ना क्यों है खतरनाक
गर्मी के मौसम में बंद कार के अंदर का तापमान बहुत तेजी से बढ़ता है। पुलिस के मुताबिक कुछ मिनटों की लापरवाही भी बच्चे की जान जोखिम में डाल सकती है। विशेषज्ञों का कहना है कि बाहर मामूली गर्मी होने पर भी कार के अंदर का तापमान खतरनाक स्तर तक पहुँच जाता है, जिससे हीटस्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है।
बिहार में पहले भी हो चुके हैं ऐसे हादसे
राज्य में इस तरह की लापरवाही के गंभीर मामले सामने आए हैं। 22 मई 2026 को Gopalganj में एक सात साल का बच्चा खड़ी कार में मृत पाया गया था। इससे पहले अगस्त 2025 में Patna में भी दो बच्चों की मौत ऐसी ही घटना में हुई थी। इन हादसों को देखते हुए प्रशासन अब लोगों को जागरूक कर रहा है।
सरकार और प्रशासन के अन्य कदम
बिहार सरकार और जिला प्रशासन गर्मी से बचाव के लिए लगातार काम कर रहे हैं। मुख्य सचिव Amrit Lal Meena ने मार्च 2026 में ही स्कूलों को निर्देश दिए थे कि बच्चों को गर्मी से बचने के तरीके सिखाए जाएं। स्कूलों में ORS की पर्याप्त व्यवस्था रखने को कहा गया है ताकि बच्चों के स्वास्थ्य का ख्याल रखा जा सके।
Frequently Asked Questions (FAQs)
बंद कार में बच्चों को छोड़ना क्यों खतरनाक है?
भीषण गर्मी में बंद कार के अंदर तापमान बहुत तेजी से बढ़ता है। इससे बच्चों को हीटस्ट्रोक हो सकता है और कुछ ही मिनटों की लापरवाही उनकी जान ले सकती है।
बिहार प्रशासन ने गर्मी से बचाव के लिए क्या निर्देश दिए हैं?
मुख्य सचिव ने स्कूलों में बच्चों को हीट प्रोटेक्शन की शिक्षा देने और ORS की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं ताकि बच्चों को लू से बचाया जा सके।