Bihar: भागलपुर के सबौर इलाके से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने सबको हैरान कर दिया है। यहाँ पुलिस ने एक एफआईआर दर्ज करते समय ऐसी चूक की कि 31 साल पहले मौत हो चुकी एक महिला को आरोपी बना दिया। यह पूरा मामला एक नाबालिग छात्
Bihar: भागलपुर के सबौर इलाके से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने सबको हैरान कर दिया है। यहाँ पुलिस ने एक एफआईआर दर्ज करते समय ऐसी चूक की कि 31 साल पहले मौत हो चुकी एक महिला को आरोपी बना दिया। यह पूरा मामला एक नाबालिग छात्रा के अपहरण और धमकी से जुड़ा है, जहाँ कानूनी कागजों में एक मृत व्यक्ति को जिंदा मानकर आरोपी बनाया गया।
क्या है पूरा मामला और कैसे हुई यह गलती
यह घटना सबौर थाना क्षेत्र के वार्ड संख्या 8 स्थित हरिजन टोला की है। एक नाबालिग छात्रा के पिता ने आरोप लगाया कि निशु दास नाम के युवक ने उनकी बेटी का शादी की नीयत से अपहरण किया है। जब पिता शिकायत करने निशु के घर गए, तो वहां मौजूद निशु के पिता बद्री दास, उनके परिवार के अन्य सदस्यों और मंजू देवी ने उन्हें गाली दी और दोबारा आने पर जान से मारने की धमकी दी। इस शिकायत पर पुलिस ने 23 फरवरी 2026 को केस दर्ज किया और मंजू देवी को भी आरोपी बना दिया।
मंजू देवी की मौत और पुलिस की लापरवाही
हैरानी की बात यह है कि जिस मंजू देवी पर धमकी देने का आरोप लगा है, उनकी मृत्यु साल 1995 में ही हो चुकी थी। यानी वह महिला पिछले 31 सालों से इस दुनिया में नहीं है। पुलिस ने बिना किसी जांच-पड़ताल के मृत महिला का नाम आरोपी की लिस्ट में डाल दिया। यह घटना पुलिस की कार्यप्रणाली और कानूनी प्रक्रिया में हुई बड़ी लापरवाही को सामने लाती है। फिलहाल इस मामले में पुलिस की जांच जारी है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
भागलपुर में मृत महिला को आरोपी बनाने का मामला क्या है?
सबौर थाना पुलिस ने एक नाबालिग के अपहरण और धमकी के मामले में मंजू देवी को आरोपी बनाया, जबकि उनकी मृत्यु 31 साल पहले 1995 में हो चुकी थी।
यह मामला किस इलाके का है और शिकायत किसने की थी?
यह मामला भागलपुर के सबौर थाना क्षेत्र के वार्ड संख्या 8 हरिजन टोला का है। शिकायत एक नाबालिग छात्रा के पिता ने 23 फरवरी 2026 को दर्ज कराई थी।