Bihar: भागलपुर पुलिस और बिहार पुलिस ने लोगों को ऑनलाइन गेमिंग के नाम पर होने वाले फ्रॉड से बचने की सलाह दी है। पुलिस ने चेतावनी दी है कि इंटरनेट पर एक छोटी सी लापरवाही आपकी जीवन भर की जमा पूंजी को खत्म कर सकती है। लोगों
Bihar: भागलपुर पुलिस और बिहार पुलिस ने लोगों को ऑनलाइन गेमिंग के नाम पर होने वाले फ्रॉड से बचने की सलाह दी है। पुलिस ने चेतावनी दी है कि इंटरनेट पर एक छोटी सी लापरवाही आपकी जीवन भर की जमा पूंजी को खत्म कर सकती है। लोगों से अपनी निजी जानकारी किसी के साथ साझा न करने और सतर्क रहने को कहा गया है।
ऑनलाइन गेमिंग फ्रॉड से कैसे बचें और क्या है पुलिस की चेतावनी
PoliceBhagalpur और Bihar Police ने सोशल मीडिया के जरिए लोगों को जागरूक किया है। पुलिस के मुताबिक, साइबर अपराधी ऑनलाइन गेमिंग के लालच में लोगों को फंसाते हैं और उनकी व्यक्तिगत जानकारी चुराकर बैंक खातों से पैसे निकाल लेते हैं। इसलिए किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक करने से पहले सावधानी बरतें और अपनी पर्सनल डिटेल्स सुरक्षित रखें।
बिहार में साइबर अपराधियों पर बड़ी कार्रवाई और नए नियम
बिहार पुलिस की Cyber Crime and Security Unit ने इस साल काफी सख्ती दिखाई है। जनवरी से अप्रैल 2026 के बीच 602 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने करीब 199.09 करोड़ रुपये के फ्रॉड मामलों की जांच की और 51.84 करोड़ रुपये फ्रीज किए, जिसमें से 7.06 करोड़ रुपये पीड़ितों को वापस मिले। हाल ही में भोजपुर जिले में एक गेमिंग फ्रॉड गैंग के 9 सदस्यों को पकड़ा गया, जिनके पास से 46 मोबाइल, 7 लैपटॉप और कई सिम कार्ड मिले।
भारत सरकार के नए नियम और रिफंड की प्रक्रिया
केंद्र सरकार ने 1 मई 2026 से ‘Promotion and Regulation of Online Gaming Rules, 2026’ लागू कर दिए हैं। इसके तहत Online Gaming Authority of India का गठन किया गया है ताकि पैसों वाले गेम से होने वाले वित्तीय जोखिम को कम किया जा सके। साथ ही, गृह मंत्रालय ने फरवरी 2026 में एक नया SOP जारी किया है, जिससे ऑनलाइन धोखाधड़ी का शिकार हुए लोगों को उनके पैसे वापस मिलने की प्रक्रिया आसान हो गई है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
ऑनलाइन गेमिंग फ्रॉड होने पर पैसे वापस कैसे मिल सकते हैं?
गृह मंत्रालय ने फरवरी 2026 में एक नया SOP जारी किया है, जिसके जरिए पुलिस, बैंक और वित्तीय संस्थान मिलकर धोखाधड़ी वाले पैसों के रिफंड और शिकायतों का निपटारा तेजी से करते हैं।
बिहार पुलिस ने साइबर अपराध रोकने के लिए क्या कदम उठाए हैं?
बिहार की Cyber Crime and Security Unit ने 2026 के शुरुआती चार महीनों में 602 अपराधियों को गिरफ्तार किया और करीब 51.84 करोड़ रुपये की राशि फ्रीज की है।