Bihar: भागलपुर के नवगछिया इलाके में बुनियादी सुविधाओं के लिए लोग अब सड़कों पर उतर आए हैं। कंतिधार नवतोलिया, डिम्हा और गोपालपुर के सैकड़ों ग्रामीणों ने 16 मई 2026 से बिहार के ऊर्जा मंत्री बुलो मंडल के आवास के पास 21 दिनों
Bihar: भागलपुर के नवगछिया इलाके में बुनियादी सुविधाओं के लिए लोग अब सड़कों पर उतर आए हैं। कंतिधार नवतोलिया, डिम्हा और गोपालपुर के सैकड़ों ग्रामीणों ने 16 मई 2026 से बिहार के ऊर्जा मंत्री बुलो मंडल के आवास के पास 21 दिनों का आमरण अनशन शुरू किया है। ग्रामीण पिछले 17 सालों से सड़क और पीने के पानी जैसी मूलभूत जरूरतों के लिए गुहार लगा रहे हैं, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं निकला है।
ग्रामीणों की मुख्य मांगें और परेशानी क्या हैं?
ग्रामीणों का कहना है कि साल 2007 से वे सड़क निर्माण की मांग कर रहे हैं। सड़क न होने की वजह से गर्भवती महिलाओं को खेतों और कीचड़ भरे रास्तों से होकर अस्पताल ले जाना पड़ता है, जिससे कई बार इलाज में देरी हुई और मौतें भी हुईं। बच्चों को स्कूल जाने के लिए गंगा नदी पार करनी पड़ती है, जो मानसून के समय और भी मुश्किल हो जाता है। प्रदर्शनकारियों ने अपने गांव को ‘आजाद भारत का गुलाम गांव’ तक बता दिया है।
प्रशासनिक स्थिति और सरकारी प्रोजेक्ट्स का क्या अपडेट है?
ऊर्जा मंत्री बुलो मंडल ने 7 मई 2026 को अपना पद संभाला था और उन्होंने विभाग में पारदर्शिता और भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की बात कही है। वहीं, नवगछिया जीरो माइल से चौधरीडीह तक 400 करोड़ रुपये की लागत से 4-लेन सड़क परियोजना को मंजूरी मिल चुकी है और जमीन अधिग्रहण का काम शुरू हो गया है। ग्रामीण कार्य विभाग ने नवगछिया उप-मंडल में 50 से ज्यादा सड़कों के निर्माण की योजना बनाई है, जिनके टेंडर दिए जा चुके हैं।
Frequently Asked Questions (FAQs)
ग्रामीणों ने अनशन क्यों शुरू किया है?
ग्रामीणों ने पिछले 17 वर्षों से सड़क, पेयजल और अन्य बुनियादी सुविधाओं की कमी के कारण ऊर्जा मंत्री बुलो मंडल के आवास के पास 21 दिनों का आमरण अनशन शुरू किया है।
सड़क न होने से लोगों को क्या दिक्कतें आ रही हैं?
सड़क न होने से गर्भवती महिलाओं को खेतों के रास्ते अस्पताल ले जाना पड़ता है और बच्चों को स्कूल जाने के लिए गंगा नदी पार करनी पड़ती है, जिससे उनकी पढ़ाई और स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ रहा है।