Bihar: भागलपुर पुलिस ने जमीन हड़पने वाले एक बड़े संगठित गिरोह के खिलाफ कार्रवाई करते हुए आठ सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी 9 अप्रैल 2026 को आनंद मार्ग इलाके में की गई, जहां ये लोग अवैध रूप से जमीन पर कब
Bihar: भागलपुर पुलिस ने जमीन हड़पने वाले एक बड़े संगठित गिरोह के खिलाफ कार्रवाई करते हुए आठ सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी 9 अप्रैल 2026 को आनंद मार्ग इलाके में की गई, जहां ये लोग अवैध रूप से जमीन पर कब्जा करने की कोशिश कर रहे थे। बरारी पुलिस और डीआईयू की टीम ने छापेमारी कर मुख्य आरोपी सत्यम कुमार यादव और कुख्यात अपराधी फंटूश तांती समेत गिरोह के अन्य सदस्यों को धर दबोचा। पुलिस को इनके पास से अवैध हथियार और विवादित जमीनों से जुड़े कई डिजिटल सबूत मिले हैं।
गिरोह कैसे करता था काम और पुलिस को क्या मिला?
पुलिस की जांच में पता चला है कि यह गिरोह बहुत ही योजनाबद्ध तरीके से काम करता था। ये लोग घटना वाली जगह पर ध्यान भटकाने के लिए मोटरसाइकिलों से निहत्थे पहुंचते थे, जबकि हथियार एक ऑटो-रिक्शा के माध्यम से अलग से भेजे जाते थे। एसएसपी (SSP) प्रमोद कुमार यादव ने बताया कि आरोपियों के पास से 8 स्मार्टफोन बरामद हुए हैं। इन फोन के फोरेंसिक विश्लेषण में जमीन के नक्शे, प्रॉपर्टी के दस्तावेज और शहर की विवादित जमीनों की एक पूरी लिस्ट मिली है। पुलिस अब उन सफेदपोश लोगों की तलाश कर रही है जो इन अपराधियों को पीछे से संरक्षण दे रहे थे। पकड़े गए बदमाशों में से कई का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड भी रहा है।
बिहार में जमीन कब्जा करने और भू-माफियाओं के खिलाफ क्या हैं नए नियम?
बिहार सरकार ने भूमि विवादों को सुलझाने और भू-माफियाओं पर नकेल कसने के लिए हाल ही में कई कड़े नियम लागू किए हैं। उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा के अनुसार, सरकारी या गरीबों की जमीन कब्जाने वालों के खिलाफ अब जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जा रही है। अंचलाधिकारियों (CO) को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वे अवैध कब्जे की स्थिति में तुरंत एफआईआर दर्ज कराएं।
- सख्त सजा: दिसंबर 2024 के नए कानून के तहत अवैध कब्जा करने वालों को 6 महीने की जेल और 10,000 रुपये जुर्माने का प्रावधान है।
- पुलिस की भूमिका: 1 फरवरी 2026 से प्रभावी नियमों के अनुसार पुलिस का काम जमीन पर कब्जा दिलाना नहीं, बल्कि केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखना है।
- फर्जी दस्तावेज: जो लोग जाली कागजात बनाकर जमीन पर दावा करेंगे, उन पर भारतीय न्याय संहिता 2023 के तहत सीधी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
- अवैध जमाबंदी: विभाग ने दिसंबर 2025 से फरवरी 2026 के बीच कई महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं, जिनमें अवैध जमाबंदी को रद्द करना शामिल है।