Bihar: भागलपुर के गंगा घाट पर उस समय फिल्मी नजारा देखने को मिला जब एक दूल्हा और दुल्हन आखिरी नाव पकड़ने के लिए दौड़ते नजर आए। शाम 5 बजे नावों का परिचालन बंद होने की वजह से वहां अफरा-तफरी मच गई थी, जिसमें पुलिस ने इस जोड़
Bihar: भागलपुर के गंगा घाट पर उस समय फिल्मी नजारा देखने को मिला जब एक दूल्हा और दुल्हन आखिरी नाव पकड़ने के लिए दौड़ते नजर आए। शाम 5 बजे नावों का परिचालन बंद होने की वजह से वहां अफरा-तफरी मच गई थी, जिसमें पुलिस ने इस जोड़े की मदद की। हालांकि, समय सीमा के कारण कई अन्य यात्री घाट पर ही फंस गए, जिनमें एक बुजुर्ग महिला भी शामिल थीं जो अपनी भतीजी की शादी में नहीं पहुंच पाईं।
नाव परिचालन का समय और नए नियम क्या हैं?
विक्रमशिला सेतु के क्षतिग्रस्त होने के बाद प्रशासन ने सुरक्षा के लिए नावों का समय तय किया है। फिलहाल नावें सुबह 5 बजे से शाम 5:30 बजे तक चल रही हैं। यह फैसला सूर्यास्त के बाद कम रोशनी में होने वाले हादसों को रोकने के लिए लिया गया है। जिला प्रशासन ने साफ किया है कि तय समय के बाद कोई भी नाव नहीं चलेगी। अगर कोई नाव समय पर गंतव्य तक नहीं पहुंचती, तो उसे किनारे लगाकर परिचालन बंद करना होगा और इसकी जानकारी अधिकारियों को देनी होगी। नियमों को तोड़ने वाले नाविकों पर आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत कार्रवाई होगी और उनकी नाव जब्त की जा सकती है।
यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा के लिए क्या इंतजाम हैं?
सुरक्षा के लिए बरारी घाट पर एक अस्थायी थाना बनाया गया है और SDRF की टीमें लगातार गश्त कर रही हैं। जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी ने किसानों के लिए दो बड़ी मुफ्त नावें चलाने की घोषणा की है ताकि वे सुबह अपनी सब्जी और दूध भागलपुर ला सकें। यात्रियों के लिए किराए की सूची भी घाटों पर लगाई गई है, जिसमें सरकारी नावें मुफ्त हैं और निजी नावों का किराया 50 रुपये (बच्चों के लिए 25 रुपये) तय है। इसके अलावा, नगर निगम ने फंसे हुए यात्रियों के लिए मुफ्त रैन बसेरा और नाइट शेल्टर की व्यवस्था की है।
हाल ही में घाटों पर क्या-क्या घटनाएं हुईं?
पिछले कुछ दिनों में घाटों पर काफी गहमागहमी रही है। 13 मई को एक नाव बीच गंगा में खराब हो गई थी, जिससे यात्री दो घंटे फंसे रहे और बाद में SDRF ने उन्हें बचाया। 11 मई को एक पूरी बारात घाट पर फंस गई थी, जिसके बाद दूल्हे ने जिलाधिकारी से मदद मांगी थी। 10 मई को बरारी घाट पर नावें आपस में टकराईं, जिसमें एक चालक पानी में गिर गया था। इन घटनाओं के बाद SDRF ने नाविकों को जल्दबाजी न करने की सलाह दी है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
भागलपुर गंगा घाट पर नावों के चलने का समय क्या है?
वर्तमान नियमों के अनुसार, नावों का परिचालन प्रतिदिन सुबह 5 बजे से शाम 5:30 बजे तक निर्धारित किया गया है।
निजी नावों का किराया कितना तय किया गया है?
निजी नावों के लिए प्रति यात्री 50 रुपये और 12 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए 25 रुपये किराया निर्धारित है, जबकि सरकारी नावें पूरी तरह निःशुल्क हैं।