Bihar: भागलपुर और बिहार के अन्य जिलों में दिव्यांग लोगों की आवाजाही को आसान बनाने के लिए बैटरी वाली ट्राइसाइकिल का चलन बढ़ा है। यहाँ कुछ लोगों ने अपनी जरूरत के हिसाब से बदलाव किए हैं, तो वहीं सरकार भी मुफ्त ट्राइसाइकिल ब
Bihar: भागलपुर और बिहार के अन्य जिलों में दिव्यांग लोगों की आवाजाही को आसान बनाने के लिए बैटरी वाली ट्राइसाइकिल का चलन बढ़ा है। यहाँ कुछ लोगों ने अपनी जरूरत के हिसाब से बदलाव किए हैं, तो वहीं सरकार भी मुफ्त ट्राइसाइकिल बांटकर उन्हें आत्मनिर्भर बना रही है। इससे अब दिव्यांगों को कहीं आने-जाने के लिए दूसरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ता है।
बिहार सरकार की मुफ्त बैटरी ट्राइसाइकिल योजना क्या है?
बिहार सरकार का समाज कल्याण विभाग और जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण कोषांग दिव्यांग नागरिकों को मुफ्त बैटरी वाली ट्राइसाइकिल दे रहा है। इसके लिए सरकार ने 8.11 करोड़ रुपये का बजट मंजूर किया है। भागलपुर में ही जनवरी 2024 में जिलाधिकारी सुब्रत कुमार सेन ने 169 बैटरी ट्राइसाइकिल लाभार्थियों के बीच बांटी थीं।
योजना का लाभ लेने के लिए क्या शर्तें हैं?
- आवेदक बिहार का निवासी और शारीरिक रूप से दिव्यांग होना चाहिए।
- दिव्यांगता कम से कम 40% होनी चाहिए।
- उम्र 18 साल या उससे ज्यादा होनी चाहिए।
- परिवार की सालाना कमाई 2 लाख रुपये से ज्यादा नहीं होनी चाहिए।
- अगर आवेदक छात्र है, तो घर से कॉलेज या काम की जगह की दूरी 3 किलोमीटर या उससे ज्यादा होनी चाहिए।
भागलपुर के इंजीनियर ने बनाया खास ट्राइसाइकिल-कम-फ्लोर मिल
भागलपुर के कहलगांव के रहने वाले IIT Kharagpur के पूर्व छात्र इंजीनियर Ajit ने एक अनोखा आविष्कार किया है। उन्होंने बैटरी से चलने वाली ऐसी ट्राइसाइकिल बनाई है जिसमें आटा चक्की भी लगी है। इसकी कीमत 1.20 लाख रुपये है। इसमें लिथियम फेरोफॉस्फेट बैटरी लगी है, जो एक बार चार्ज होने पर चक्की को तीन घंटे तक चला सकती है। इस मशीन से दिव्यांग लोग घर-घर जाकर मसाले और आटा पीसने का काम कर अपना रोजगार शुरू कर सकते हैं।