Bihar: बेतिया और आसपास के सीमावर्ती इलाकों में नेपाली महिलाओं को भारतीय नागरिकता दिलाने के लिए प्रशासन ने विशेष अभियान शुरू किया है। इस मुहिम का मकसद उन महिलाओं की मदद करना है जो शादी के बाद भारत में रह रही हैं लेकिन उनक
Bihar: बेतिया और आसपास के सीमावर्ती इलाकों में नेपाली महिलाओं को भारतीय नागरिकता दिलाने के लिए प्रशासन ने विशेष अभियान शुरू किया है। इस मुहिम का मकसद उन महिलाओं की मदद करना है जो शादी के बाद भारत में रह रही हैं लेकिन उनके पास अभी तक नागरिकता के कागजात नहीं हैं। प्रशासन ने आवेदन की प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए कई कदम उठाए हैं ताकि लोग बिना किसी परेशानी के आवेदन कर सकें।
नागरिकता के लिए कौन है पात्र और क्या हैं नियम
भारतीय नागरिकता अधिनियम 1955 के तहत यह अभियान चलाया जा रहा है। इसके मुख्य नियम इस प्रकार हैं:
- वे नेपाली महिलाएं जो भारतीय नागरिकों से शादी कर चुकी हैं, आवेदन कर सकती हैं।
- महिला का कम से कम सात साल से भारत में रहना जरूरी है।
- नागरिकता के लिए रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया को तेज किया गया है।
मदद के लिए क्या इंतजाम किए गए हैं
बेतिया प्रशासन ने लोगों की सुविधा के लिए कई व्यवस्थाएं की हैं। आवेदन में मदद के लिए एक ‘नागरिकता सहायता सेल’ बनाया गया है। इसके अलावा, स्थानीय थानों और सरकारी कार्यालयों में विशेष कक्ष (Special Rooms) तैयार किए गए हैं जहां लोग जाकर जानकारी ले सकते हैं। अभियान के बारे में लोगों को जागरूक करने के लिए सोशल मीडिया और पोस्टरों का इस्तेमाल किया जा रहा है।
अन्य जिलों में भी चल रहे हैं विशेष कैंप
सिर्फ बेतिया ही नहीं, बल्कि बिहार के अन्य सीमावर्ती इलाकों में भी यह काम चल रहा है। अररिया जिले के भार्गामा और जोगबनी नगर परिषद में भी 20 अप्रैल 2026 से विशेष कैंप शुरू हुए हैं। इन कैंपों का उद्देश्य उन महिलाओं को नागरिकता दिलाना है जो लंबे समय से भारत में रह रही हैं। भार्गामा में इस पूरी प्रक्रिया की जिम्मेदारी ब्लॉक डेवलपमेंट ऑफिसर (BDO) शशि भूषण सुमन संभाल रहे हैं।