Bihar: बेनीपुर के शहर और ग्रामीण इलाकों में इन दिनों पीने के पानी की भारी किल्लत है। भीषण गर्मी की वजह से इलाके के ज्यादातर चापाकल सूख गए हैं और कई नल-जल योजनाएं खराब पड़ी हैं। इस समस्या को लेकर CPI(M) के कार्यकर्ताओं ने
Bihar: बेनीपुर के शहर और ग्रामीण इलाकों में इन दिनों पीने के पानी की भारी किल्लत है। भीषण गर्मी की वजह से इलाके के ज्यादातर चापाकल सूख गए हैं और कई नल-जल योजनाएं खराब पड़ी हैं। इस समस्या को लेकर CPI(M) के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया और प्रशासन को ज्ञापन सौंपा ताकि लोगों को जल्द राहत मिल सके।
बेनीपुर नगर परिषद में पानी की क्या है स्थिति?
SDO Manish Kumar Jha की अध्यक्षता में हुई बैठक में नगर परिषद के अधिकारी Kumar Sambhav ने वर्तमान स्थिति की रिपोर्ट पेश की। नगर परिषद के अनुसार, कुल 29 वार्डों में 40 नल-जल योजनाएं चल रही हैं। वार्ड नंबर 20 की एक योजना अभी बंद है, जिसे जल्द ठीक करने का दावा किया गया है। पानी की सप्लाई के लिए परिषद के पास 58 सबमर्सिबल पंप और 30 सिंटेक्स टैंक मौजूद हैं।
आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए क्या इंतजाम हैं?
प्रशासन ने पानी की कमी को दूर करने के लिए कुछ जरूरी कदम उठाए हैं, जिनकी जानकारी नीचे दी गई है:
| सुविधा |
संख्या/विवरण |
| पानी के टैंकर |
2 बड़े और 5 छोटे टैंकर |
| रिपेयर टीम |
2 टीमें लगातार सक्रिय |
| मुख्य काम |
पाइप लीकेज और तकनीकी खराबी सुधारना |
| नया लक्ष्य |
पाइपलाइन का विस्तार करना |
जल संकट को लेकर पहले भी हुए हैं बड़े विरोध प्रदर्शन
बेनीपुर में पानी की समस्या नई नहीं है। जुलाई 2025 में महागठबंधन के कार्यकर्ताओं ने प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया था और बेनीपुर ब्लॉक को सूखा प्रभावित क्षेत्र घोषित करने की मांग की थी। वहीं, जुलाई 2024 में JD(U) MLA Vinay Kumar Chaudhary ने भी PHED विभाग के खिलाफ धरना दिया था। स्थानीय लोग और विभिन्न वार्डों के निवासी अक्सर खराब नल-जल योजनाओं और सूखे चापाकलों को लेकर सड़कों पर उतरते रहे हैं।