Bihar के बेगूसराय में टूटी टांग पर लगाया गत्ता, सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद जांच शुरू

बेगूसराय: बिहार के मंझौल अनुमंडलीय अस्पताल से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां सड़क हादसे में घायल एक युवक की टूटी हुई टांग को सहारा देने के लिए प्लास्टर की जगह गत्ते का इस्तेमाल किया गया। इस घटना का वीडियो सो

बेगूसराय: बिहार के मंझौल अनुमंडलीय अस्पताल से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां सड़क हादसे में घायल एक युवक की टूटी हुई टांग को सहारा देने के लिए प्लास्टर की जगह गत्ते का इस्तेमाल किया गया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है जिससे स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं।

जानकारी के मुताबिक, नावकोठी प्रखंड के महेशवाड़ा निवासी 20 वर्षीय स्नातक छात्र कृष्ण कुमार सड़क दुर्घटना में घायल हो गए थे। उन्हें मंझौल अनुमंडलीय अस्पताल लाया गया था। आरोप है कि अस्पताल में उनकी टूटी टांग पर गत्ता लगाकर उसे स्थिर किया गया और फिर उन्हें दूसरे अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया।

इस मामले पर अस्पताल के प्रभारी डॉ. अभिनव प्रियदर्शी ने कहा कि जिसे लोग गत्ता कह रहे हैं, उसे मेडिकल भाषा में स्प्लिंट कहा जाता है। उन्होंने बताया कि हड्डी टूटने पर अंग को स्थिर करना जरूरी होता है ताकि अंदरूनी नुकसान न हो। साथ ही उन्होंने यह भी माना कि अस्पताल में हड्डी रोग विशेषज्ञों और पैरामेडिकल स्टाफ की काफी कमी है, जिसकी जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को दी जा चुकी है।

बेगूसराय के सिविल सर्जन डॉ. अशोक कुमार ने इस वीडियो का संज्ञान लिया है। उन्होंने कहा कि आपात स्थिति में मरीज की जान बचाने और स्थिति को बिगड़ने से रोकने के लिए प्राथमिक उपचार के तौर पर ऐसा किया जाता है। उन्होंने मामले की जांच कराने की बात कही है।

बिहार स्वास्थ्य विभाग ने भी इस पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। सिविल सर्जन ने 6 और 7 अगस्त 2026 को दोबारा पुष्टि की कि जांच जारी है। गौरतलब है कि इस 75 बिस्तरों वाले अस्पताल का उद्घाटन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जनवरी 2025 में किया था।