Bihar: बड़हरा में सरकारी पैसे से बना पंचायत सरकार भवन भ्रष्टाचार और खराब निर्माण की भेंट चढ़ गया है। लाखों रुपये खर्च करने के बाद भी यह इमारत उद्घाटन के महज छह महीने के भीतर ही जर्जर हो गई है। दीवारों में बड़ी-बड़ी दरारे
Bihar: बड़हरा में सरकारी पैसे से बना पंचायत सरकार भवन भ्रष्टाचार और खराब निर्माण की भेंट चढ़ गया है। लाखों रुपये खर्च करने के बाद भी यह इमारत उद्घाटन के महज छह महीने के भीतर ही जर्जर हो गई है। दीवारों में बड़ी-बड़ी दरारें दिख रही हैं और खिड़कियों के शीशे टूट चुके हैं, जिससे स्थानीय लोगों में काफी नाराजगी है।
भवन की हालत और निर्माण में लापरवाही
इस पंचायत सरकार भवन के निर्माण में गुणवत्ता का भारी अभाव नजर आ रहा है। उद्घाटन के कुछ ही समय बाद दीवारों में दरारें पड़ गईं, जो निर्माण कार्य में इस्तेमाल की गई घटिया सामग्री की ओर इशारा करती हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि इतनी बड़ी राशि खर्च होने के बाद भी भवन की ऐसी हालत होना गंभीर लापरवाही है।
बिहार में पंचायत भवनों की खराब स्थिति
सिर्फ बड़हरा ही नहीं, बल्कि बिहार के कई अन्य हिस्सों में भी पंचायत सरकार भवनों की स्थिति खराब मिली है। दिघाऊन पंचायत में भी एक साल के भीतर दीवारों में दरारें आ गई थीं। वहीं कटिहार जिले में एक प्रोजेक्ट पांच साल से अधूरा पड़ा है। अधिकारियों ने कई जगहों पर खराब बीम को गिराकर दोबारा बनाने का आदेश भी दिया है ताकि मजबूती सुनिश्चित की जा सके।
सरकार का बजट और नई योजनाएं
बिहार सरकार ने राज्य भर में 2000 पंचायत सरकार भवनों के काम को तेज करने के लिए 500 करोड़ रुपये का अतिरिक्त फंड मंजूर किया है। सामान्य क्षेत्रों में एक भवन की लागत करीब 1.99 करोड़ रुपये और बाढ़ प्रभावित इलाकों में 2.86 करोड़ रुपये तय की गई है। इन भवनों में लाइब्रेरी, बैंक और पोस्ट ऑफिस जैसी सुविधाएं देने की योजना है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
पंचायत सरकार भवन के निर्माण पर कितना खर्च आता है?
सामान्य इलाकों में एक पंचायत सरकार भवन की अनुमानित लागत 1.99 करोड़ रुपये है, जबकि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में यह खर्च लगभग 2.86 करोड़ रुपये तक जाता है।
बिहार सरकार ने भवनों के निर्माण के लिए क्या कदम उठाए हैं?
सरकार ने 2000 पंचायत सरकार भवनों के निर्माण में तेजी लाने के लिए 500 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बजट आवंटित किया है ताकि फंड की कमी से काम न रुके।