Bihar: बांका जिले के पंजवारा इलाके में जलस्रोतों पर अवैध कब्जे के कारण बांध, डांड़ और पोखरों का अस्तित्व खत्म होने की कगार पर है। इस अतिक्रमण की वजह से इलाके की करीब 2000 एकड़ खेती प्रभावित हो रही है, जिससे किसानों की चि
Bihar: बांका जिले के पंजवारा इलाके में जलस्रोतों पर अवैध कब्जे के कारण बांध, डांड़ और पोखरों का अस्तित्व खत्म होने की कगार पर है। इस अतिक्रमण की वजह से इलाके की करीब 2000 एकड़ खेती प्रभावित हो रही है, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है। स्थिति इतनी गंभीर है कि अब ग्रामीणों ने प्रशासन के खिलाफ अनशन करने की चेतावनी दी है।
अतिक्रमण से खेती पर क्या असर पड़ा है
पंजवारा में संकट मोचन मंदिर के पास एक डांड़ को मिट्टी डालकर पाट दिया गया है। साथ ही वहां बिना पुलिया के ही सड़क बना दी गई है, जिससे पानी का प्राकृतिक बहाव पूरी तरह रुक गया है। इस वजह से लगभग 2000 एकड़ खेतों की सिंचाई नहीं हो पा रही है, जिसका सीधा असर स्थानीय किसानों की फसल और कमाई पर पड़ रहा है।
प्रशासन ने क्या कहा और क्या होगी कार्रवाई
ग्रामीणों के विरोध और चेतावनी के बाद स्थानीय सीओ (अंचल अधिकारी) ने इस मामले में हस्तक्षेप किया है। सीओ ने आश्वासन दिया है कि जलस्रोतों पर किए गए अतिक्रमण के खिलाफ जल्द ही कड़ी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने जल्द से जल्द अवैध कब्जे हटाकर जलस्रोतों को पूर्ववत स्थिति में लाने की बात कही है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
बांका के पंजवारा में जलस्रोतों पर अतिक्रमण का क्या असर हुआ है
अतिक्रमण के कारण बांध, डांड़ और पोखरों का अस्तित्व खतरे में है, जिससे करीब 2000 एकड़ कृषि भूमि की सिंचाई प्रभावित हुई है।
ग्रामीणों ने अपनी मांग मनवाने के लिए क्या चेतावनी दी है
जलस्रोतों से अतिक्रमण हटाने और सिंचाई की समस्या सुलझाने के लिए पंजवारा के ग्रामीणों ने अनशन (भूख हड़ताल) करने की चेतावनी दी है।