Bihar में नीट पेपर लीक के विरोध में हुए बंद के बाद बड़ी कार्रवाई, 694 हिरासत में, कई पुलिसकर्मी घायल
Bihar: नीट परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक होने के विरोध में 25 जुलाई को बुलाए गए राज्यव्यापी बंद के दौरान भारी हिंसा हुई। इस हिंसा के बाद बिहार पुलिस ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस मुख्यालय के मुताबिक, बंद को जबरन लागू
Bihar: नीट परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक होने के विरोध में 25 जुलाई को बुलाए गए राज्यव्यापी बंद के दौरान भारी हिंसा हुई। इस हिंसा के बाद बिहार पुलिस ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस मुख्यालय के मुताबिक, बंद को जबरन लागू कराने और उपद्रव करने के आरोप में अब तक कुल 694 लोगों को हिरासत में लिया गया है।
हिरासत में लिए गए लोगों में बड़ी संख्या में छात्र और नाबालिग शामिल थे। पुलिस ने जांच के बाद 339 नाबालिगों और छात्रों को छोड़ दिया है, जबकि हिंसक घटनाओं में शामिल पाए गए 355 लोगों को जेल भेजा गया है। पटना में इस मामले को लेकर 24 एफआईआर दर्ज की गई हैं, जिनमें 285 नामजद और करीब 6,000 अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज है। पटना से ही 258 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है, जबकि 38 लड़कियों को निजी मुचलके पर रिहा किया गया।
इस हिंसा का असर प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिस बल पर भी पड़ा। करीब 91 पुलिसकर्मी और अधिकारी घायल हुए हैं, जिनमें सीवान और सीतामढ़ी के एसपी और कई थाना प्रभारी शामिल हैं। इसके अलावा 13 आम नागरिक भी चोटिल हुए। सारण जिले के सदर प्रखंड के बीडीओ गंभीर रूप से घायल हुए और उनकी एक आंख की रोशनी चली गई, वहीं रिविलगंज के बीडीओ के सिर में गंभीर चोट आई है। हिंसा के दौरान 14 सरकारी गाड़ियां तोड़ी गईं और एक गाड़ी को आग लगा दी गई।
| जिला/स्थान | कार्रवाई/घटना | विवरण |
|---|---|---|
| पटना | एफआईआर और गिरफ्तारी | 24 एफआईआर, 258 लोग जेल भेजे गए |
| सीवान | गिरफ्तारी और निलंबन | 102 उपद्रवी गिरफ्तार, सिपाही अभिषेक कुमार निलंबित |
| सारण | अधिकारी घायल | सदर बीडीओ की एक आंख की रोशनी गई |
| राज्यव्यापी | कुल हिरासत | 694 लोग (355 न्यायिक हिरासत में) |
सीवान में एक सिपाही अभिषेक कुमार ने प्रदर्शनकारियों से घिरने पर हवा में चार राउंड फायरिंग की थी, जिसके बाद उन्हें निलंबित कर विभागीय जांच शुरू कर दी गई है। वहीं, राजनीतिक गलियारों में भी हलचल है। पूर्व मंत्री तेज प्रताप यादव को गिरफ्तार कर 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजा गया है। राजद सांसद मनोज झा ने पुलिस द्वारा बल प्रयोग के मामले में सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। पुलिस ने 117 संदिग्धों की तस्वीरें भी जारी की हैं और कहा है कि दोषियों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी।