Bihar में बाल हृदय योजना से बच्चों को मिल रही नई जिंदगी, अब तक 3165 बच्चों का हुआ मुफ्त इलाज
Bihar/Patna: बिहार सरकार की बाल हृदय योजना गरीब परिवारों के लिए एक बड़ा सहारा बनी है। इस योजना के जरिए जन्म से दिल की बीमारी के साथ पैदा होने वाले बच्चों का मुफ्त इलाज और ऑपरेशन किया जा रहा है। सरकार जांच से लेकर सर्जरी
Bihar/Patna: बिहार सरकार की बाल हृदय योजना गरीब परिवारों के लिए एक बड़ा सहारा बनी है। इस योजना के जरिए जन्म से दिल की बीमारी के साथ पैदा होने वाले बच्चों का मुफ्त इलाज और ऑपरेशन किया जा रहा है। सरकार जांच से लेकर सर्जरी और अस्पताल में भर्ती होने तक का पूरा खर्च खुद उठा रही है, जिससे हजारों बच्चों को नया जीवन मिला है।
स्वास्थ्य मंत्री निशंत कुमार ने हाल ही में पटना के मेदांता अस्पताल में एक स्क्रीनिंग कैंप का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि योजना की शुरुआत से अब तक राज्य के 3,165 बच्चों का दिल का इलाज सफलतापूर्वक किया गया है। 2 अगस्त 2026 को जय प्रभा मेदांता सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में एक विशेष कैंप लगाया गया, जहां 34 जिलों से आए 280 बच्चों की ईको और ईसीजी जांच की गई।
यह योजना 0 से 18 साल तक के उन बच्चों के लिए है जिनके दिल में छेद (ASD या VSD) जैसी गंभीर समस्या है। इलाज के लिए सरकार ने पटना के IGIC, IGIMS और मेदांता अस्पताल के साथ-साथ अहमदाबाद के श्री सत्य साई हार्ट अस्पताल के साथ हाथ मिलाया है। मरीजों और उनके साथ जाने वाले परिजनों के रहने और आने-जाने का खर्च भी सरकार वहन कर रही है।
| अस्पताल का नाम | इलाज किए गए बच्चों की संख्या | |
|---|---|---|
| श्री सत्य साई हार्ट अस्पताल, अहमदाबाद | 1,869 | |
| जय प्रभा मेदांता सुपर स्पेशलिटी अस्पताल, पटना | 574 | |
| IGIC, पटना | 499 | |
| IGIMS, पटना | 223 |
जिलों के स्तर पर भी इस योजना का बड़ा असर दिख रहा है। समस्तीपुर जिले से अब तक 167 बच्चों को इलाज के लिए भेजा गया, जिनमें से कई की सर्जरी सफल रही। वहीं पश्चिम चंपारण में 1.4 मिलियन बच्चों की स्क्रीनिंग के बाद 132 बच्चों का ऑपरेशन तय किया गया है। सीतामहरि में जनवरी 2021 से जुलाई 2026 के बीच 268 बच्चों का मुफ्त इलाज हुआ है।
स्वास्थ्य विभाग की RBSK टीमें स्कूलों और आंगनवाड़ी केंद्रों में जाकर बच्चों की जांच कर रही हैं। अधिकारियों ने अभिभावकों से अपील की है कि अगर उनके बच्चे में दिल की बीमारी के लक्षण दिखें, तो तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या RBSK टीम से संपर्क करें ताकि समय पर मुफ्त इलाज मिल सके।