Bihar में बागमती नदी खतरे के निशान से ऊपर, कई जिलों में कटाव और बाढ़ का खतरा
Bihar: उत्तरी बिहार और नेपाल के जलग्रहण क्षेत्रों में लगातार हो रही भारी बारिश ने बागमती नदी के जलस्तर को बढ़ा दिया है। नदी अब खतरे के निशान को पार कर चुकी है, जिससे तटबंधों के पास रहने वाले लोगों और किसानों की चिंता बढ़
Bihar: उत्तरी बिहार और नेपाल के जलग्रहण क्षेत्रों में लगातार हो रही भारी बारिश ने बागमती नदी के जलस्तर को बढ़ा दिया है। नदी अब खतरे के निशान को पार कर चुकी है, जिससे तटबंधों के पास रहने वाले लोगों और किसानों की चिंता बढ़ गई है। कई इलाकों में पानी घुसने से जनजीवन प्रभावित हुआ है और कटाव की समस्या गंभीर हो गई है।
10 अगस्त 2026 की रिपोर्ट के मुताबिक, डुब्बाघाट गेज स्टेशन पर नदी का जलस्तर 61.33 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान 61.28 मीटर से 5 सेंटीमीटर ऊपर है। यह इस सीजन का सबसे अधिक स्तर है। स्थिति इतनी खराब है कि डुब्बाघाट में स्थित NDRF कैंप में भी बाढ़ का पानी घुस गया है। डुब्बाघाट, पिपराही घाट, अदौरी घाट और मोतनाजे जैसे इलाकों में भारी कटाव हो रहा है, जिससे खेतों में खड़ी फसलें बर्बाद हो रही हैं। पिपराही में बागमती पुल के पिलर नंबर 1 के पास भी कटाव जारी है।
बाढ़ का असर सड़कों और यातायात पर भी पड़ा है। 9 अगस्त को बेनीबाद-औराई मुख्य सड़क पर कटाव के कारण खतरा बढ़ गया और बकुची घाट स्थित पीपा पुल से आवागमन बंद रहा। खगड़िया के जिलाधिकारी विक्रम वीरकर ने प्रभावितों के लिए नावों, सामुदायिक रसोई और राहत शिविरों की व्यवस्था शुरू कर दी है। इससे पहले 7 अगस्त को मुजफ्फरपुर के कटौझा में भी नदी 55.15 मीटर पर बह रही थी, जिससे कटरा इलाके के घरों और खेतों में पानी भर गया था। खगड़िया के उत्तरी बहोरवा गांव में भी तीव्र कटाव की वजह से खतरा बना हुआ है।
प्रशासन और जल संसाधन विभाग की टीमें अलर्ट पर हैं। मुजफ्फरपुर की जिलाधिकारी प्रतिभा रानी ने टीमों को हाई अलर्ट पर रहने का निर्देश दिया है। कटाव रोकने के लिए संवेदनशील जगहों पर बड़े पत्थर और बालू की बोरियां डाली जा रही हैं। खगड़िया के कार्यपालक अभियंता मनीष कुमार ने बताया कि उत्तरी बहोरवा में बचाव कार्य युद्धस्तर पर चल रहा है। पटना में एक नियंत्रण कक्ष बनाया गया है जो सीमांचल और उत्तरी बिहार की स्थिति पर नजर रख रहा है। जिला प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और सरकारी सलाह मानने को कहा है।