Bihar के बगहा में ग्रामीणों का कमाल, 50 साल तक नहीं बना पुल तो चंदा जुटाकर खुद खड़ा कर दिया लोहे का ब्रिज

Bihar/Bagaha : बिहार के बगहा जिले में सरकारी सिस्टम के भरोसे बैठे ग्रामीणों ने जब देखा कि 50 साल बाद भी पुल नहीं बना, तो उन्होंने खुद ही कमान संभाल ली। रामनगर प्रखंड की सोनखर पंचायत के शिवपुर कॉलोनी के लोगों ने आपसी सहयो

Bihar/Bagaha : बिहार के बगहा जिले में सरकारी सिस्टम के भरोसे बैठे ग्रामीणों ने जब देखा कि 50 साल बाद भी पुल नहीं बना, तो उन्होंने खुद ही कमान संभाल ली। रामनगर प्रखंड की सोनखर पंचायत के शिवपुर कॉलोनी के लोगों ने आपसी सहयोग से चंदा इकट्ठा किया और श्रमदान करके 60 फीट लंबा लोहे का पुल बना दिया। करीब ढाई लाख रुपये की लागत से तैयार इस पुल ने अब हजारों लोगों की राह आसान कर दी है।

ग्रामीणों ने इस पुल के लिए लंबे समय तक स्थानीय जनप्रतिनिधियों, प्रशासन और संबंधित विभाग के अधिकारियों से गुहार लगाई थी। उन्हें हर बार सिर्फ आश्वासन मिला, लेकिन जमीन पर कोई काम नहीं हुआ। अंत में लोगों ने आत्मनिर्भरता का रास्ता चुना और खुद पैसे जुटाकर इस निर्माण को पूरा किया। इस कदम को इलाके में सरकारी व्यवस्था की विफलता और सिस्टम को आईना दिखाने के तौर पर देखा जा रहा है।

बगहा क्षेत्र में पुलों को लेकर पहले भी कई विवाद और फैसले सामने आए हैं। जनवरी 2026 में लागत और जमीन अधिग्रहण के चलते बगहा-जटहा पुल परियोजना को रद्द किया गया था, जबकि रतवल-धनहा पुल के चौड़ीकरण को मंजूरी मिली थी। इसी दौरान शास्त्रीनगर-बेलबनिया सड़क पुल का मुद्दा विधान परिषद में भी उठा था। ऐसे माहौल में शिवपुर कॉलोनी के ग्रामीणों द्वारा खुद पुल बनाना चर्चा का विषय बना हुआ है।