Bihar के बगहा में स्वास्थ्य व्यवस्था की बदहाली, नदी में ट्रैक्टर फंसने से गर्भवती महिला की मौत

Bihar/Bagaha : पश्चिम चंपारण जिले के बगहा में स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी और खराब रास्तों की वजह से एक गर्भवती महिला की जान चली गई। सुमन देवी नाम की महिला को प्रसव पीड़ा होने पर परिवार वाले ट्रैक्टर से अस्पताल ले जा रहे थे

Bihar/Bagaha : पश्चिम चंपारण जिले के बगहा में स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी और खराब रास्तों की वजह से एक गर्भवती महिला की जान चली गई। सुमन देवी नाम की महिला को प्रसव पीड़ा होने पर परिवार वाले ट्रैक्टर से अस्पताल ले जा रहे थे, लेकिन रास्ते में नदी का पानी बढ़ा होने के कारण ट्रैक्टर फंस गया और समय पर इलाज न मिलने से उनकी मौत हो गई।

यह घटना रविवार शाम 9 अगस्त 2026 को हुई। सुमन देवी गोबरहिया थाना क्षेत्र के सिंगड़हवा गांव की रहने वाली थीं। उनके पति का नाम प्रकाश उरांव है। परिजनों ने बताया कि गांव से हरनाटांड़ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) करीब 21 किलोमीटर दूर है। एम्बुलेंस न मिल पाने या गांव तक न पहुंच पाने की वजह से उन्हें ट्रैक्टर का सहारा लेना पड़ा। बारिश की वजह से हरहा नदी में जलस्तर बढ़ गया था, जिससे ट्रैक्टर बीच रास्ते में ही फंस गया। मृतका के चाचा राजेश कुमार उरांव और नौरंगिया पंचायत के मुखिया गौरी शंकर प्रसाद ने इस घटना की पुष्टि की है।

इस हादसे के बाद ग्रामीण इलाकों में सड़क संपर्क और स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर काफी गुस्सा है। लोग मांग कर रहे हैं कि सिंगड़हवा दोन तक पक्की सड़क बनाई जाए और बरसात के समय नदी पार करने के लिए सुरक्षित इंतजाम किए जाएं।

बगहा में स्वास्थ्य सेवाओं की हालत पहले से ही खराब चल रही है। बीते 3 अगस्त 2026 को बिहार सरकार के मंत्री नंदकिशोर राम ने यहां के अस्पतालों का औचक निरीक्षण किया था। उन्होंने अस्पतालों में गंदगी और डॉक्टरों की अनुपस्थिति पर नाराजगी जताई थी और जिला पदाधिकारी को जांच के निर्देश दिए थे। इससे पहले 22 जुलाई 2026 को भी अनुमंडलीय अस्पताल की व्यवस्थाओं पर सवाल उठे थे। इसी तरह 30 जुलाई को एक निजी क्लिनिक को नवजात की मौत के बाद सील किया गया था और 10 अगस्त को गया में भी लापरवाही के कारण एक नर्सिंग होम पर कार्रवाई हुई थी।