Bihar के औरंगाबाद में नाबालिग के अपहरण और हत्या के मामले में 15 साल बाद इंसाफ, दोषी को उम्रकैद
औरंगाबाद: बिहार के औरंगाबाद जिले में एक नाबालिग बच्चे के अपहरण और हत्या के 15 साल पुराने मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने दोषी सुरेंद्र मेहता को उम्रकैद की सजा सुनाई है और उस पर कुल 3.5 लाख रुपये का जुर्
औरंगाबाद: बिहार के औरंगाबाद जिले में एक नाबालिग बच्चे के अपहरण और हत्या के 15 साल पुराने मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने दोषी सुरेंद्र मेहता को उम्रकैद की सजा सुनाई है और उस पर कुल 3.5 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। इस फैसले के बाद पीड़ित परिवार ने राहत की सांस ली है।
यह पूरा मामला 17 जून 2011 का है, जब रिशियाप थाना क्षेत्र के गढ़रा गांव में एक शादी समारोह के दौरान विवेक कुमार नाम के नाबालिग लड़के को अगवा कर लिया गया था। अपहरण के करीब तीन महीने बाद बच्चे का शव एक सिंचाई नहर से मिला था। परिजनों ने शर्ट, बेल्ट और दांतों के जरिए बच्चे की पहचान की थी। अभियोजन पक्ष के मुताबिक, इस जघन्य अपराध के पीछे जमीन का पुराना विवाद मुख्य वजह था।
प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजीव रंजन कुमार की अदालत ने 10 जुलाई 2026 को सुरेंद्र मेहता को दोषी ठहराया था, जिसके बाद 20 जुलाई 2026 को सजा का ऐलान किया गया। लोक अभियोजक अजय कुमार ने कोर्ट में मामले की पैरवी की और अलग-अलग धाराओं के तहत सजा की मांग की।
अदालत ने दोषी को निम्नलिखित सजाएं सुनाई हैं:
| धारा (IPC) | अपराध | सजा | जुर्माना |
|---|---|---|---|
| धारा 364 | अपहरण | उम्रकैद | 1 लाख रुपये |
| धारा 302 | हत्या | उम्रकैद | 2 लाख रुपये |
| धारा 201 | साक्ष्य मिटाना | 5 साल कठोर कारावास | 50,000 रुपये |
कोर्ट ने आदेश दिया है कि सभी सजाएं एक साथ चलेंगी और दोषी को कुल 3.5 लाख रुपये का जुर्माना भरना होगा।