Bihar : औरंगाबाद जिले का नाम बदलने की मांग अब दिल्ली तक पहुंच गई है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने इस मामले का संज्ञान लिया है, जिससे स्थानीय लोगों में उत्साह है। जिले की ऐतिहासिक और धार्मिक पहचान को देखते हुए इसे ‘आदित
Bihar : औरंगाबाद जिले का नाम बदलने की मांग अब दिल्ली तक पहुंच गई है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने इस मामले का संज्ञान लिया है, जिससे स्थानीय लोगों में उत्साह है। जिले की ऐतिहासिक और धार्मिक पहचान को देखते हुए इसे ‘आदित्य नगर’ या ‘देव’ करने की मांग जोर पकड़ रही है।
नाम बदलने की मांग क्यों हो रही है और कौन सी संस्थाएं जुड़ी हैं?
सामाजिक संस्था ‘केशव लोक मंच’ का कहना है कि औरंगाबाद की असली पहचान विश्व प्रसिद्ध देव सूर्य मंदिर और यहां की संस्कृति से है। इसलिए उन्होंने जिले का नाम ‘आदित्य नगर’ करने की मांग की है। इस संस्था ने दानी बिगहा में बैठक कर अपनी अगली रणनीति तय की है। वहीं, ‘जनेश्वर विकास केंद्र’ की देव शाखा ने जिले का नाम ‘देव’ रखने का संकल्प लिया है और इसके लिए सूर्य मंदिर धर्मशाला में बैठक आयोजित की गई।
नाम बदलने की सरकारी प्रक्रिया क्या होती है?
किसी भी जिले का नाम बदलना एक लंबी कानूनी प्रक्रिया है। सबसे पहले राज्य विधानसभा में एक विधायक द्वारा प्रस्ताव पेश किया जाता है, जिसे साधारण बहुमत से पास होना जरूरी है। इसके बाद प्रस्ताव केंद्रीय गृह मंत्रालय भेजा जाता है। गृह मंत्रालय फिर रेलवे, डाक विभाग और खुफिया ब्यूरो जैसी एजेंसियों से NOC लेता है ताकि यह पता चल सके कि प्रस्तावित नाम का कोई दूसरा शहर तो नहीं है। अंत में, मंजूरी मिलने पर राज्य सरकार गजट नोटिफिकेशन जारी करती है।
महाराष्ट्र के औरंगाबाद से क्या अंतर है?
यहाँ यह साफ करना जरूरी है कि यह मामला केवल बिहार के औरंगाबाद जिले से जुड़ा है। महाराष्ट्र के औरंगाबाद जिले का नाम पहले ही सितंबर 2023 में बदलकर ‘छत्रपति संभाजीनगर’ किया जा चुका है। वर्तमान में चर्चा और गृह मंत्रालय का संज्ञान सिर्फ बिहार के औरंगाबाद जिले के नाम परिवर्तन की मांग पर है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
औरंगाबाद जिले का नाम बदलकर क्या रखने की मांग है?
केशव लोक मंच द्वारा जिले का नाम ‘आदित्य नगर’ करने की मांग की गई है, जबकि जनेश्वर विकास केंद्र की देव शाखा इसे ‘देव’ नाम देने का संकल्प ले चुकी है।
क्या गृह मंत्रालय ने इस मांग को स्वीकार कर लिया है?
गृह मंत्रालय ने इस मामले का संज्ञान (Cognizance) लिया है, जिसका मतलब है कि उन्होंने इस मांग पर ध्यान दिया है। अभी अंतिम मंजूरी की प्रक्रिया बाकी है।