Bihar में असिस्टेंट प्रोफेसर बनने के नियम बदले, अब सिर्फ NET-PhD से नहीं मिलेगी नौकरी, लिखित और टीचिंग टेस्ट जरूरी
Bihar: बिहार के विश्वविद्यालयों में असिस्टेंट प्रोफेसर की भर्ती प्रक्रिया में बड़ा बदलाव किया गया है। अब केवल NET या PhD की डिग्री के आधार पर सीधी नियुक्ति नहीं होगी। नए नियमों के मुताबिक, उम्मीदवारों को एक प्रतिस्पर्धी
Bihar: बिहार के विश्वविद्यालयों में असिस्टेंट प्रोफेसर की भर्ती प्रक्रिया में बड़ा बदलाव किया गया है। अब केवल NET या PhD की डिग्री के आधार पर सीधी नियुक्ति नहीं होगी। नए नियमों के मुताबिक, उम्मीदवारों को एक प्रतिस्पर्धी चयन प्रक्रिया से गुजरना होगा, जिसमें लिखित परीक्षा और टीचिंग टेस्ट दोनों शामिल होंगे।
बिहार सरकार के शिक्षा विभाग ने ‘सात निश्चय-3 (2025-30)’ कार्यक्रम के तहत 208 नए डिग्री कॉलेजों में 9,152 असिस्टेंट प्रोफेसर के पदों के सृजन का आदेश पहले ही जारी कर दिया था। इस भर्ती के लिए बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) और बिहार स्टेट यूनिवर्सिटी सर्विस कमीशन (BSUSC) मुख्य भूमिका निभाएंगे। नए ड्राफ्ट परिनियम 2026 के अनुसार, नियमित नियुक्तियों के लिए अब 200 नंबर की चयन प्रक्रिया होगी।
नियमित पदों के लिए चयन प्रक्रिया का विवरण इस प्रकार है:
| परीक्षा का हिस्सा | कुल अंक | विवरण |
|---|---|---|
| लिखित परीक्षा | 175 | NET सिलेबस पर आधारित (लघु, दीर्घ और विश्लेषणात्मक प्रश्न) |
| इंटरव्यू | 25 | इसमें 13 अंक टीचिंग स्किल और 12 अंक बोर्ड इंटरैक्शन के होंगे |
लिखित परीक्षा में पास होने के लिए सामान्य वर्ग के उम्मीदवारों को कम से कम 50% और SC/ST/PWD उम्मीदवारों को 45% अंक लाना जरूरी होगा। इंटरव्यू के दौरान टीचिंग स्किल का प्रदर्शन वीडियो रिकॉर्ड किया जाएगा। वहीं, कॉन्ट्रैक्ट (अनुबंध) आधारित नियुक्तियों के लिए कोई लिखित परीक्षा नहीं होगी; इनका चयन API स्कोर और 12 नंबर के इंटरव्यू के आधार पर किया जाएगा।
पात्रता की बात करें तो संबंधित विषय में कम से कम 55% अंकों के साथ मास्टर डिग्री और UGC-NET, CSIR-NET या SLET/SET पास होना अनिवार्य है। PhD धारकों को NET/SLET से छूट मिलेगी। आवेदन के लिए न्यूनतम आयु 21 वर्ष और अधिकतम आयु 40 वर्ष तय की गई है, जिसमें सरकारी नियमों के अनुसार आरक्षित वर्गों को छूट मिलेगी। इन नए नियमों को पूरी तरह लागू करने के लिए अब राज्यपाल (कुलाधिपति) की अंतिम मंजूरी का इंतजार है।