Bihar और Assam में NEET प्रदर्शनकारियों पर दर्ज केस होंगे वापस, सरकार ने जारी किया आदेश
Bihar/Assam: NEET-UG परीक्षा में गड़बड़ियों के खिलाफ प्रदर्शन करने वाले छात्रों और युवाओं के लिए बड़ी राहत की खबर आई है। बिहार और असम सरकार ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज सभी एफआईआर (FIR) और केस वापस लेने का फैसला किया
Bihar/Assam: NEET-UG परीक्षा में गड़बड़ियों के खिलाफ प्रदर्शन करने वाले छात्रों और युवाओं के लिए बड़ी राहत की खबर आई है। बिहार और असम सरकार ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज सभी एफआईआर (FIR) और केस वापस लेने का फैसला किया है। सरकार के इस कदम से उन हजारों छात्रों को राहत मिलेगी जो कानूनी कार्रवाई के डर में थे।
बिहार सरकार के गृह विभाग ने 27 जुलाई 2026 को एक आधिकारिक पत्र जारी किया। इस आदेश के मुताबिक, 26 जुलाई 2026 की शाम 6 बजे से पहले प्रदर्शनों में शामिल लोगों के खिलाफ दर्ज सभी केस वापस लिए जाएंगे। सरकार ने साफ किया है कि इस समय सीमा से पहले के मामलों में किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कोई दंडात्मक या कानूनी कार्रवाई नहीं की जाएगी। साथ ही, जो लोग गिरफ्तार किए गए थे, उन्हें तुरंत रिहा करने का निर्देश दिया गया है।
असम सरकार ने भी अपने गृह और राजनीतिक विभाग के जरिए इसी तरह के आदेश जारी किए हैं। असम सरकार अब उन सभी गिरफ्तारियों और केसों की समीक्षा कर रही है जो NEET विरोध प्रदर्शनों के दौरान दर्ज किए गए थे।
यह फैसला कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और दिल्ली पुलिस के प्रतिनिधियों के बीच हुई बातचीत के बाद सामने आया है। CJP के सौरभ दास ने बताया कि उन्हें बिहार और असम सरकारों से अधिसूचनाओं की कॉपी मिल गई है। पार्टी का दावा है कि अन्य राज्यों और केंद्र सरकार से भी जल्द ही ऐसी गारंटी मिलेगी। CJP ने उन लोगों के लिए एक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म भी शुरू किया है जो अपने सबूत जमा करना चाहते हैं।
इस पूरे मामले में वरिष्ठ वकील और राज्यसभा सांसद Kapil Sibal ने भी मदद का हाथ बढ़ाया है। उन्होंने प्रदर्शनकारियों की कानूनी सहायता के लिए 1 करोड़ रुपये का लीगल फंड देने की घोषणा की है।