Bihar में आशा कार्यकर्ताओं की अनिश्चितकालीन हड़ताल, 11 महीने का मानदेय बकाया; स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित
Bihar: बिहार के ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ मानी जाने वाली आशा कार्यकर्ता और फैसिलिटेटर 23 जून, 2026 से अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार पर हैं। अगस्त 2025 से लंबित 11 महीने के प्रोत्साहन राशि और मानदेय के भु
Bihar: बिहार के ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ मानी जाने वाली आशा कार्यकर्ता और फैसिलिटेटर 23 जून, 2026 से अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार पर हैं। अगस्त 2025 से लंबित 11 महीने के प्रोत्साहन राशि और मानदेय के भुगतान की मांग को लेकर यह आंदोलन किया जा रहा है। इस हड़ताल की वजह से गांव के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (CHC) में टीकाकरण और मातृ-शिशु स्वास्थ्य जैसी जरूरी सेवाएं पूरी तरह ठप हो गई हैं।
यह आंदोलन बिहार राज्य आशा कार्यकर्ता संघ (ऐक्टूमहासंघ गोप गुट) के नेतृत्व में चलाया जा रहा है। संघ के प्रदेश अध्यक्ष और MLC शशि यादव ने इस हड़ताल की घोषणा की थी। उन्होंने राज्य स्वास्थ्य समिति के कार्यपालक निदेशक को पत्र लिखकर साफ कर दिया है कि जब तक पूरा बकाया पैसा नहीं मिलता, तब तक कार्य बहिष्कार जारी रहेगा। स्वास्थ्य विभाग ने पहले 30 मई, 2026 तक शत-प्रतिशत भुगतान का भरोसा दिया था, लेकिन जमीनी स्तर पर केवल 30 प्रतिशत भुगतान ही हो पाया है।
इस हड़ताल का सीधा असर आम जनता पर पड़ रहा है। खगड़िया जैसे जिलों में पल्स पोलियो अभियान प्रभावित हुआ है, जिसके बाद सिविल सर्जन ने अधिकारियों को कार्यकर्ताओं को समझाने के निर्देश दिए हैं। वहीं चौथम के स्वास्थ्य प्रबंधक अमर कुमार ने कहा है कि भुगतान की प्रक्रिया पूरी कर कोषागार भेज दी गई है और जल्द ही पैसा मिल जाएगा।
आंदोलनकारियों ने अपनी मांगों की एक लंबी सूची सरकार के सामने रखी है:
| प्रमुख मांगें | विवरण |
|---|---|
| बकाया भुगतान | अगस्त 2025 से लंबित 11 महीने का पैसा तुरंत मिले |
| मानदेय वृद्धि | मासिक मानदेय को बढ़ाकर 10,000 रुपये किया जाए |
| कोरोना भत्ता | 10,000 रुपये कोरोना भत्ता दिया जाए |
| रिटायरमेंट उम्र | सेवानिवृत्ति की आयु बढ़ाकर 65 वर्ष की जाए |
| शब्द परिवर्तन | ‘प्रोत्साहन राशि’ की जगह ‘मजदूरी’ या ‘मानदेय’ शब्द का उपयोग हो |
| पेंशन | सेवानिवृत्ति पैकेज और पेंशन की सुविधा मिले |