Bihar के आरा में नीट और मैट्रिक के फर्जी पेपर बेचने वाला गिरफ्तार, 80 APK फाइलें बरामद

Bhojpur: बिहार के आरा में पुलिस ने पेपर लीक के नाम पर छात्रों को ठगने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने नीट (NEET) और मैट्रिक की परीक्षाओं के फर्जी प्रश्नपत्र बेचने के आरोप में वीर बहादुर सिंह नाम के व्यक्ति को

Bhojpur: बिहार के आरा में पुलिस ने पेपर लीक के नाम पर छात्रों को ठगने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने नीट (NEET) और मैट्रिक की परीक्षाओं के फर्जी प्रश्नपत्र बेचने के आरोप में वीर बहादुर सिंह नाम के व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह भोले-भाले छात्रों को फर्जी पेपर का लालच देकर उनसे पैसे ऐंठ रहा था।

भोजपुर पुलिस ने जब इस आरोपी को पकड़ा, तो उसके पास से एक मोबाइल फोन और 80 APK फाइलें मिली हैं। पुलिस का मानना है कि ये डिजिटल फाइलें इस घोटाले का बड़ा सबूत हैं और इनका इस्तेमाल फर्जी पेपर बांटने के लिए किया जा रहा था। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस खेल में और कौन-कौन लोग शामिल थे।

बिहार में पेपर लीक का यह कोई पहला मामला नहीं है। हाल ही में 14 जून 2026 को मुजफ्फरपुर में भी पुलिस ने हर्ष, अमन कुमार, कन्हैया कुमार और हर्ष कनोडिया को गिरफ्तार किया था। ये लोग टेलीग्राम के जरिए नीट-यूजी और अन्य परीक्षाओं के फर्जी पेपर बेच रहे थे। इस गिरोह का मास्टरमाइंड मनीष झा पहले ही पकड़ा जा चुका है।

सिर्फ बिहार ही नहीं, अहमदाबाद साइबर क्राइम ब्रांच ने भी एक बड़े अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है। इस गिरोह ने करीब 1,000 छात्रों और अभिभावकों से 1.5 करोड़ रुपये की ठगी की। इस मामले में पटना के नवीन कुमार यादव समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है। ये लोग फर्जी वेबसाइट और टेलीग्राम चैनल बनाकर नीट री-एग्जाम के पेपर देने का वादा करते थे और प्रति छात्र 15,000 से 80,000 रुपये तक वसूलते थे। पुलिस ने लोगों को चेतावनी दी है कि सोशल मीडिया पर पेपर दिलाने वाले विज्ञापनों पर भरोसा न करें।