Bihar में आंगनबाड़ी केंद्रों के मेन्यू में बदलाव, अब बच्चों और महिलाओं को मिलेगी न्यूट्री खिचड़ी और पुलाव
Bihar: बिहार सरकार ने राज्य के आंगनबाड़ी केंद्रों में मिलने वाले पोषण आहार में बड़ा बदलाव किया है। अब यहां बच्चों और गर्भवती महिलाओं को सूखा राशन देने के बजाय तैयार भोजन या बनाने में आसान सामग्री दी जाएगी। सामाजिक कल्याण
Bihar: बिहार सरकार ने राज्य के आंगनबाड़ी केंद्रों में मिलने वाले पोषण आहार में बड़ा बदलाव किया है। अब यहां बच्चों और गर्भवती महिलाओं को सूखा राशन देने के बजाय तैयार भोजन या बनाने में आसान सामग्री दी जाएगी। सामाजिक कल्याण विभाग ने इसके लिए नया आदेश जारी कर दिया है, जिससे अब केंद्रों पर न्यूट्री खिचड़ी और फोर्टिफाइड दलिया जैसे पौष्टिक विकल्प मिलेंगे।
बिहार कैबिनेट ने 20 जुलाई 2026 को इस प्रस्ताव को मंजूरी दी थी। नए नियमों के मुताबिक, अब टेक होम राशन (THR) की जगह रेडी टू कुक (RTC) और रेडी टू ईट (RTE) प्रीमिक्स सामग्री दी जाएगी। इस योजना का सीधा फायदा 6 महीने से 3 साल तक के बच्चों, गर्भवती महिलाओं, स्तनपान कराने वाली माताओं और गंभीर रूप से कुपोषित बच्चों को मिलेगा।
सरकार ने नए मेन्यू में न्यूट्री राइस खिचड़ी प्रीमिक्स, न्यूट्री पुलाव, फोर्टिफाइड मूंग दाल-चावल खिचड़ी, मल्टीमिक्स ग्रेन्स और प्रोटीन प्रीमिक्स के साथ-साथ फोर्टिफाइड नमकीन दलिया को शामिल किया है। ये सभी बदलाव भारत सरकार के महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के अनुसार किए गए हैं।
इन पौष्टिक खाद्य सामग्रियों की आपूर्ति बिहार स्टेट मिल्क कोऑपरेटिव फेडरेशन लिमिटेड द्वारा की जाएगी। वहीं, अनाज और अन्य जरूरी सामान भारतीय खाद्य निगम (FCI) और बिहार राज्य खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग उपलब्ध कराएंगे। यह व्यवस्था बिहार के सभी 38 जिलों के 1,15,064 आंगनबाड़ी केंद्रों में लागू होगी।
पोषण के साथ-साथ बुनियादी ढांचे को सुधारने के लिए बिहार सरकार ने वेदांत ग्रुप के नंद घर अभियान के साथ हाथ मिलाया है। 21 जुलाई 2026 को हुए समझौते के तहत राज्य के 1000 आंगनबाड़ी केंद्रों का आधुनिकीकरण किया जाएगा। इसके अलावा, बच्चों के पोषण स्तर की निगरानी के लिए मुख्यालय स्तर पर पोषण ट्रैकर कमांड सेंटर भी बनाया जा रहा है, जिससे रीयल-टाइम ट्रैकिंग हो सकेगी।