Bihar: बिहार के चार जिलों में हवाई यात्रा को आसान बनाने के लिए सरकार तैयारी कर रही है। इन जिलों में एयरपोर्ट के सर्वे के लिए दिल्ली से Airports Authority of India (AAI) की एक टीम आएगी। राज्य सरकार ने इसके लिए औपचारिक पत्
Bihar: बिहार के चार जिलों में हवाई यात्रा को आसान बनाने के लिए सरकार तैयारी कर रही है। इन जिलों में एयरपोर्ट के सर्वे के लिए दिल्ली से Airports Authority of India (AAI) की एक टीम आएगी। राज्य सरकार ने इसके लिए औपचारिक पत्र लिखकर भुगतान भी कर दिया है, ताकि जल्द से जल्द सर्वे का काम शुरू हो सके।
किन जिलों में होगा एयरपोर्ट का सर्वे और क्या है योजना
बिहार सरकार ने मोतिहारी (पूर्वी चंपारण), भागलपुर, गोपालगंज (सबेया) और छपरा (सारण) के एयरपोर्ट का सर्वे कराने का फैसला किया है। इन एयरपोर्ट को UDAN स्कीम के तहत जोड़ा जाएगा। सर्वे टीम 15 से 18 अप्रैल 2026 के बीच बिहार आएगी, जिसमें भागलपुर का सर्वे 15 से 17 अप्रैल के बीच होगा। इसका मकसद इन हवाई पट्टियों का विस्तार करना है ताकि यहां कमर्शियल फ्लाइट्स शुरू हो सकें।
सर्वे का खर्च और रनवे की मौजूदा स्थिति
बिहार कैबिनेट ने इस प्री-फिजिबिलिटी स्टडी के लिए बजट मंजूर किया है। मोतिहारी, छपरा और भागलपुर के लिए 1.21 करोड़ रुपये और सबेया (गोपालगंज) व उलाओ (बेगूसराय) के लिए 81 लाख रुपये जारी किए गए हैं। वर्तमान में रनवे की लंबाई इस प्रकार है:
| जिला/एयरपोर्ट |
रनवे की लंबाई (फीट) |
चौड़ाई (फीट) |
| गोपालगंज (सबेया) |
6,000 |
150 |
| मोतिहारी |
1,950 |
300 |
| भागलपुर |
3,500 |
150 |
| छपरा |
3,000 |
100 |
आगे क्या होगा और आम लोगों को क्या फायदा मिलेगा
सिविल एविएशन विभाग के सचिव नीलेश रामचंद्र देवरे ने बताया कि सर्वे के बाद एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार होगी। इसमें जमीन की जरूरत और इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास का पूरा खाका होगा। इसके बाद OLS सर्वे किया जाएगा ताकि रनवे के आसपास की बाधाओं का पता चल सके। सरकार का लक्ष्य है कि राज्य का कोई भी जिला चालू एयरपोर्ट से 200 किलोमीटर से ज्यादा दूर न हो। भागलपुर में ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट के लिए 931 एकड़ जमीन अधिग्रहण के लिए 472.72 करोड़ रुपये की मंजूरी भी मिल चुकी है।