Bihar: पटना के ऊर्जा ऑडिटोरियम में दो दिनों तक चला ‘बिहार एआई समिट 2026’ शनिवार को खत्म हो गया। इस कार्यक्रम में राज्य के युवाओं, स्टार्टअप्स और तकनीकी जानकारों ने हिस्सा लिया। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इस
Bihar: पटना के ऊर्जा ऑडिटोरियम में दो दिनों तक चला ‘बिहार एआई समिट 2026’ शनिवार को खत्म हो गया। इस कार्यक्रम में राज्य के युवाओं, स्टार्टअप्स और तकनीकी जानकारों ने हिस्सा लिया। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इस मौके पर बिहार को देश का बड़ा AI हब बनाने का लक्ष्य रखा और जल्द ही राज्य के लिए एक नई AI पॉलिसी लाने की घोषणा की।
AI समिट में क्या-क्या बड़े फैसले हुए
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया है कि सरकारी कामकाज में पारदर्शिता लाने के लिए सभी विभाग AI तकनीक का इस्तेमाल करें। उन्होंने साफ कहा कि ‘सहयोग शिविरों’ में आने वाली शिकायतों का निपटारा 30 दिनों के भीतर करना होगा, वरना संबंधित अधिकारी को सस्पेंड कर दिया जाएगा। साथ ही, पुलिसिंग में AI का उपयोग होगा ताकि अपराधियों के खिलाफ 48 घंटे के अंदर कार्रवाई की जा सके।
बिहार को टेक हब बनाने की तैयारी
बिहार सरकार ने पहले ही ग्लोबल कैपेसिटी सेंटर (GCC) पॉलिसी 2026 और सेमीकंडक्टर पॉलिसी 2026 को मंजूरी दे दी है। इसका मकसद बिहार को पूर्वी और उत्तर-पूर्वी भारत का टेक्नोलॉजी सेंटर बनाना है। मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने बताया कि लक्ष्य बिहार को सिर्फ AI साक्षर बनाना नहीं, बल्कि इसे एक टेक्नोलॉजी हब के रूप में स्थापित करना है।
कौन-कौन रहे इस आयोजन का हिस्सा
इस समिट का आयोजन Qlass EdTech और Dizaart Systems द्वारा किया गया था। कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव, IT मंत्री नीतीश मिश्रा और IT सचिव अभय कुमार सिंह भी मौजूद थे। Tiger Analytics और IIT Patna मिलकर बिहार में एक ‘AI सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ बनाएंगे। इसके अलावा Red Cyber, GrowQR और CIPL जैसी कंपनियों ने भी एमओयू (MoU) साइन किए हैं।
Frequently Asked Questions (FAQs)
बिहार AI समिट 2026 का मुख्य उद्देश्य क्या था?
इस समिट का उद्देश्य साइबर सुरक्षा और स्मार्ट गवर्नेंस के लिए AI का उपयोग करना था। इसका लक्ष्य बिहार को एक AI टेक्नोलॉजी हब बनाना और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा करना था।
मुख्यमंत्री ने AI के जरिए पुलिसिंग में क्या बदलाव बताए?
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि AI तकनीक का इस्तेमाल पुलिस विभाग में किया जाएगा, जिससे अपराधियों के खिलाफ 48 घंटे के भीतर एक्शन लेना संभव हो सकेगा।