Bihar में अब खेती की जमीन बिना कन्वर्ट कराए कर सकेंगे कमर्शियल इस्तेमाल, विधानसभा में बिल पास

Bihar: बिहार के किसानों और जमीन मालिकों के लिए एक बड़ी राहत वाली खबर आई है। अब खेती की जमीन का इस्तेमाल कमर्शियल काम के लिए करने के लिए किसी सरकारी अनुमति या जमीन को कन्वर्ट कराने की जरूरत नहीं होगी। बिहार विधानसभा में म

Bihar: बिहार के किसानों और जमीन मालिकों के लिए एक बड़ी राहत वाली खबर आई है। अब खेती की जमीन का इस्तेमाल कमर्शियल काम के लिए करने के लिए किसी सरकारी अनुमति या जमीन को कन्वर्ट कराने की जरूरत नहीं होगी। बिहार विधानसभा में मंगलवार को इस संबंध में एक अहम बिल पास किया गया है, जिससे अब कागजी कार्यवाही और कन्वर्जन फीस का झंझट खत्म हो जाएगा।

मंगलवार, 21 जुलाई 2026 को मानसून सत्र के दौरान विधानसभा ने ‘बिहार कृषि भूमि (गैर-कृषि उद्देश्यों के लिए रूपांतरण) (निरसन) विधेयक, 2026’ को मंजूरी दे दी। इस नए कानून के आने के बाद 2010 के पुराने कानून को खत्म कर दिया गया है। पहले के नियम के मुताबिक, अगर कोई किसान अपनी खेती की जमीन पर दुकान, गोदाम या कोई फैक्ट्री लगाना चाहता था, तो उसे सक्षम अधिकारी से अनुमति लेनी पड़ती थी और कन्वर्जन फीस भरनी होती थी। अब यह पूरी प्रक्रिया हटा दी गई है और लोग सीधे अपनी जमीन का व्यावसायिक उपयोग कर सकेंगे।

राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री Dilip Kumar Jaiswal ने बताया कि पुराना कानून बिहार में औद्योगिक विकास की राह में बाधा बन रहा था। इससे न तो राज्य के राजस्व को फायदा हो रहा था और न ही ‘Ease of Doing Business’ के लक्ष्य पूरे हो रहे थे। सरकार का मकसद आम लोगों, खासकर ग्रामीण इलाकों के लोगों के लिए जीवन आसान बनाना और राज्य में नए बिजनेस और उद्योगों को बढ़ावा देना है। मुख्यमंत्री Samrat Choudhary की सरकार ने निवेशकों को आकर्षित करने के लिए यह बड़ा कदम उठाया है।

जमीन से जुड़े इस बदलाव के साथ ही विधानसभा ने कुल सात बिल पास किए हैं। इसमें ‘बिहार भूमि दाखिल-खारिज (संशोधन) विधेयक, 2026’ भी शामिल है, जिसके तहत अब दाखिल-खारिज के आवेदन, त्रुटि सुधार और रिकॉर्ड के रिवीजन के लिए 200 रुपये की फीस देनी होगी। यह पैसा सीधे राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के खाते में जाएगा। इसके अलावा, उद्योगों के लिए नियमों को सरल बनाने के लिए ‘बिहार Ease of Doing Business Bill, 2026’ भी पेश किया गया है।

यह नया कानून राज्यपाल की मंजूरी मिलने के बाद पूरी तरह लागू हो जाएगा, जिसके बाद सरकार इसकी आधिकारिक अधिसूचना जारी करेगी।