Bihar: बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) द्वारा सहायक शिक्षा विकास पदाधिकारी (AEDO) की भर्ती के लिए ली गई परीक्षा में पेपर लीक का बड़ा मामला सामने आया है। अब इस पूरे घोटाले की जांच आर्थिक अपराध इकाई (EOU) को सौंप दी गई है। इस म
Bihar: बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) द्वारा सहायक शिक्षा विकास पदाधिकारी (AEDO) की भर्ती के लिए ली गई परीक्षा में पेपर लीक का बड़ा मामला सामने आया है। अब इस पूरे घोटाले की जांच आर्थिक अपराध इकाई (EOU) को सौंप दी गई है। इस मामले में अब तक 8 जिलों से 38 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है और जांच का दायरा बढ़ता जा रहा है।
जांच के लिए SIT का गठन और अब तक की कार्रवाई
EOU के ADG नय्यर हसनैन खान ने इस मामले की गहराई से जांच के लिए 9 सदस्यों की एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) बनाई है। इस टीम का नेतृत्व SP (प्रशासन) राजेश कुमार कर रहे हैं। पुलिस ने मुंगेर, नालंदा, बेगूसराय, वैशाली और गया समेत 8 जिलों में 8 अलग-अलग FIR दर्ज की हैं। अब तक पकड़े गए 38 लोगों में परीक्षार्थी, बायोमेट्रिक ऑपरेटर और टैबलेट सप्लाई करने वाले लोग शामिल हैं।
ब्लैकलिस्टेड कंपनी ने कैसे किया पेपर लीक
जांच में पता चला है कि बायोमेट्रिक अटेंडेंस का काम संभालने वाली जयपुर की कंपनी ‘Sai Educare Private Limited’ ने इस खेल में बड़ी भूमिका निभाई। इस कंपनी को NTA ने 15 अक्टूबर 2025 को ही ब्लैकलिस्ट कर दिया था, फिर भी इसे BPSC का कॉन्ट्रैक्ट मिला। आरोप है कि कंपनी ने परीक्षा माफिया के लोगों को कॉन्ट्रैक्ट पर रखा था। बायोमेट्रिक टैबलेट के जरिए प्रश्न पत्रों की फोटो खींची गई और उन्हें सॉल्व कराकर परीक्षार्थियों को आंसर की भेजी गई।
BPSC की भूमिका और आगे की कार्रवाई
शुरुआत में BPSC ने पेपर लीक की बात से इनकार किया था और कहा था कि परीक्षा शांतिपूर्ण तरीके से हुई। लेकिन EOU की जांच के बाद अब आयोग से परीक्षा प्रक्रिया और एजेंसी के चयन को लेकर जानकारी मांगी गई है। EOU अब सर्वर लॉग, डिजिटल डेटा और CCTV फुटेज जैसे वैज्ञानिक सबूत जुटा रही है। संभावना है कि इस जांच की आंच BPSC के बड़े अधिकारियों तक भी पहुंच सकती है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
AEDO परीक्षा पेपर लीक मामले में अब तक कितने लोग गिरफ्तार हुए हैं?
इस मामले में अब तक 8 अलग-अलग जिलों से कुल 38 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
पेपर लीक में किस कंपनी का नाम सामने आया है?
जयपुर की ‘Sai Educare Private Limited’ कंपनी का नाम सामने आया है, जिसे NTA ने पहले ही ब्लैकलिस्ट कर दिया था।