Bihar : बिहार ने मछली उत्पादन के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। राज्य अब मछली उत्पादन में पूरी तरह आत्मनिर्भर हो चुका है और अपनी जरूरत से ज्यादा मछली पैदा कर रहा है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बताया कि साल 2005
Bihar : बिहार ने मछली उत्पादन के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। राज्य अब मछली उत्पादन में पूरी तरह आत्मनिर्भर हो चुका है और अपनी जरूरत से ज्यादा मछली पैदा कर रहा है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बताया कि साल 2005 में उत्पादन 2.88 लाख मीट्रिक टन था, जो अब बढ़कर 8.70 लाख मीट्रिक टन तक पहुंच गया है। अब बिहार से मछली नेपाल और भारत के कई बड़े शहरों में भेजी जा रही है।
मछली उत्पादन के आंकड़े और लक्ष्य क्या हैं?
बिहार अब देश के अंतर्देशीय मछली उत्पादन करने वाले राज्यों में चौथे स्थान पर है। साल 2023-24 में राज्य ने 8.73 लाख मीट्रिक टन मछली का उत्पादन किया, जो 2024-25 में बढ़कर 9.59 लाख मीट्रिक टन हो गया। सरकार ने साल 2028 तक इस उत्पादन को 12.7 लाख मीट्रिक टन प्रति वर्ष तक ले जाने का लक्ष्य रखा है। राज्य से लगभग 39,070 टन मछली सिलीगुड़ी, लुधियाना, अमृतसर और वाराणसी जैसे शहरों में निर्यात की जा रही है।
मछली पालकों के लिए सरकार क्या मदद दे रही है?
बिहार सरकार मछली पालन को बढ़ावा देने के लिए कई तरह की सब्सिडी दे रही है। ट्रेनिंग और नई तकनीक सीखने के लिए 100% सब्सिडी दी जा रही है, जबकि बीज, दाना और पंप सेट जैसे इनपुट पर 50% की मदद मिलती है। मछली परिवहन के लिए मोपेड, थ्री-व्हीलर और फोर-व्हीलर खरीदने पर 90% तक की सब्सिडी का प्रावधान है। इसके अलावा, 100 टन प्रतिदिन क्षमता वाली फिश फीड मिलों को 3 रुपये प्रति यूनिट बिजली सब्सिडी दी जा रही है।
कौन सी नई तकनीक और योजनाएं काम कर रही हैं?
उत्पादन बढ़ाने के लिए राज्य में Biofloc और Recirculating Aquaculture System (RAS) जैसी आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल हो रहा है। अब तक 764 बायोफ्लॉक फार्म बनाए गए हैं। केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (PMMSY) के तहत बिहार में 522.41 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट्स चल रहे हैं। साथ ही, मुख्यमंत्री एकीकृत चौर विकास योजना और जलाशय मत्स्य विकास योजना के जरिए छोटे किसानों और महिलाओं के स्वयं सहायता समूहों (JEEViKA) को भी जोड़ा गया है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
बिहार में मछली उत्पादन का वर्तमान लक्ष्य क्या है?
बिहार सरकार ने मछली उत्पादन को बढ़ाकर साल 2028 तक 12.7 लाख मीट्रिक टन प्रति वर्ष करने का लक्ष्य रखा है।
मछली पालकों को किन चीजों पर सब्सिडी मिल रही है?
ट्रेनिंग पर 100%, बीज और फीड जैसे इनपुट पर 50% और मछली परिवहन के लिए वाहन खरीदने पर 90% तक की सब्सिडी दी जा रही है।