Bihar: बिहार में पुल और पुलियों के क्षतिग्रस्त होने की घटनाओं से सरकार को काफी आलोचना झेलनी पड़ी है। अब राज्य सरकार ने ग्रामीण इलाकों में बनी और बन रही सड़कों तथा पुलों की मजबूती को लेकर सख्ती दिखाई है। ग्रामीण कार्य विभ
Bihar: बिहार में पुल और पुलियों के क्षतिग्रस्त होने की घटनाओं से सरकार को काफी आलोचना झेलनी पड़ी है। अब राज्य सरकार ने ग्रामीण इलाकों में बनी और बन रही सड़कों तथा पुलों की मजबूती को लेकर सख्ती दिखाई है। ग्रामीण कार्य विभाग ने इसके लिए 82 अधिकारियों की एक बड़ी टीम तैनात की है जो फील्ड में जाकर निर्माण कार्यों की असलियत परखेगी।
अधिकारियों की टीम कैसे करेगी जांच?
सरकार की ओर से बनाई गई यह टीम राज्य के विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों का दौरा करेगी। इनका मुख्य काम यह देखना होगा कि जो सड़कें और पुल बन चुके हैं या जिनका काम चल रहा है, वे मानकों के हिसाब से सही हैं या नहीं। टीम मौके पर जाकर निर्माण सामग्री की बारीकी से जांच करेगी ताकि भविष्य में किसी भी हादसे को रोका जा सके। इस जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे का निर्णय लिया जाएगा।
जांच के दौरान किन बातों का रखा जाएगा ध्यान?
- राज्य के विभिन्न जिलों में ग्रामीण सड़कों की मजबूती की पड़ताल करना।
- पुल-पुलियों के स्ट्रक्चर और उनके डिजाइन की गुणवत्ता देखना।
- निर्माण के दौरान इस्तेमाल हुए मटेरियल के मानकों की जांच।
- घटिया निर्माण पाए जाने पर संबंधित एजेंसी और इंजीनियर पर कार्रवाई की सिफारिश करना।
इस कदम से ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोगों को बेहतर और सुरक्षित सड़कें मिलने की उम्मीद है। विभाग का मानना है कि अधिकारियों की सीधी निगरानी से निर्माण कार्य में पारदर्शिता आएगी और लापरवाही बरतने वालों पर लगाम लगेगी। सरकार का उद्देश्य है कि भविष्य में पुल गिरने जैसी घटनाओं को पूरी तरह से रोका जा सके।