Bihar में बनेंगे 12 नए टाउनशिप, मुजफ्फरपुर को मिलेगा आर्किटेक्चर और सिविल इंजीनियरिंग विश्वविद्यालय

Bihar/Muzaffarpur : बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मुजफ्फरपुर में विकास की बड़ी सौगात दी है। रविवार, 12 जुलाई 2026 को आयोजित एक कार्यक्रम में उन्होंने 1,047.09 करोड़ रुपये की लागत वाली 982 विकास योजनाओं का उद्घाटन

Bihar/Muzaffarpur : बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मुजफ्फरपुर में विकास की बड़ी सौगात दी है। रविवार, 12 जुलाई 2026 को आयोजित एक कार्यक्रम में उन्होंने 1,047.09 करोड़ रुपये की लागत वाली 982 विकास योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इस दौरान उन्होंने राज्य में शहरी विकास और शिक्षा को लेकर कई अहम घोषणाएं कीं, जिससे आम लोगों के जीवन स्तर में सुधार होगा।

मुख्यमंत्री ने बताया कि पटना के कंकड़बाग की तर्ज पर बिहार में 12 नए टाउनशिप विकसित किए जाएंगे, जिनमें मुजफ्फरपुर का तिरहुत टाउनशिप भी शामिल होगा। इसके अलावा, मुजफ्फरपुर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (MIT) परिसर में एक आर्किटेक्चर एवं सिविल इंजीनियरिंग विश्वविद्यालय बनाया जाएगा। यह संस्थान तकनीकी शिक्षा और रिसर्च का बड़ा केंद्र बनेगा, जिससे स्थानीय छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा।

शहर की बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए 213.25 करोड़ रुपये की लागत से सिकंदरपुर लेक फ्रंट मरीन ड्राइव विकसित किया गया है। साथ ही, मुख्यमंत्री समग्र शहरी विकास योजना के तहत 669 योजनाओं और 3 स्टॉर्म वॉटर ड्रेनेज प्रोजेक्ट्स की शुरुआत हुई है। इन कामों से शहर की सड़कों, नालों, पार्कों और स्ट्रीट लाइटों की हालत सुधरेगी।

कनेक्टिविटी को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि मुजफ्फरपुर हवाई अड्डे का काम जल्द शुरू होगा। पटना-मुजफ्फरपुर रैपिड रेल कॉरिडोर बनने के बाद दोनों शहरों के बीच का सफर सिर्फ 40 मिनट में पूरा हो जाएगा। साथ ही हल्दिया-रक्सौल हाईवे से व्यापार और आवागमन आसान होगा।

प्रमुख घोषणा/योजना विवरण/लाभ
नया विश्वविद्यालय MIT परिसर में आर्किटेक्चर एवं सिविल इंजीनियरिंग यूनिवर्सिटी
टाउनशिप विकास पटना के कंकड़बाग की तर्ज पर 12 नए टाउनशिप
रैपिड रेल पटना-मुजफ्फरपुर यात्रा का समय घटकर 40 मिनट होगा
राशन कार्ड लगभग एक करोड़ नए परिवारों को जोड़ने की प्रक्रिया शुरू होगी
बिजली आपूर्ति किसानों को सुबह 6 से शाम 6 बजे तक 12 घंटे बिजली मिलेगी
रजिस्ट्री सिस्टम 80 वर्ष से ऊपर के बुजुर्गों के लिए घर बैठे डिजिटल पंजीकरण

सरकार ने भ्रष्टाचार और साइबर अपराध के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाने की बात कही है। जमीन की खरीद-बिक्री में धोखाधड़ी रोकने के लिए अब डिजिटल और पेपरलेस पंजीकरण व्यवस्था लागू की गई है, ताकि आम जनता को दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें।