Chhattisgarh: लखनऊ अग्निकांड के बाद भिलाई के कोचिंग सेंटरों में जांच, सुरक्षा मानकों की मिली भारी कमी
Chhattisgarh/Durg: लखनऊ के एक कोचिंग सेंटर में आग लगने से 15 छात्रों की मौत के बाद अब छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में अलर्ट जारी किया गया है. प्रशासन ने बुधवार, 24 जून 2026 को भिलाई के एजुकेशन हब में स्थित कोचिंग संस्थानों क
Chhattisgarh/Durg: लखनऊ के एक कोचिंग सेंटर में आग लगने से 15 छात्रों की मौत के बाद अब छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में अलर्ट जारी किया गया है. प्रशासन ने बुधवार, 24 जून 2026 को भिलाई के एजुकेशन हब में स्थित कोचिंग संस्थानों का सुरक्षा ऑडिट शुरू किया. इस जांच में SDRF, पुलिस और फायर विभाग की संयुक्त टीमें शामिल रहीं ताकि छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके.
जांच के दौरान कई कोचिंग सेंटरों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं मिले. अधिकारियों ने पाया कि कई संस्थानों में फायर एक्सटिंग्विशर यानी आग बुझाने वाले यंत्र मौजूद नहीं थे. इसके अलावा, कमरों में वेंटिलेशन की कमी, इमरजेंसी एग्जिट यानी आपातकालीन निकास द्वार का न होना और संकरी सीढ़ियों जैसी गंभीर खामियां सामने आई हैं. कई जगहों पर आवाजाही के लिए सिर्फ एक ही रास्ता था, जो किसी भी हादसे के समय खतरनाक साबित हो सकता है.
फायर विभाग के अधिकारियों ने इस लापरवाही पर कड़ी नाराजगी जताई है. प्रशासन ने उन सभी कोचिंग सेंटरों को नोटिस जारी कर दिया है जहां कमियां मिली हैं. संचालकों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे जल्द से जल्द अग्निशमन यंत्र लगाएं और वेंटिलेशन व निकास द्वार की व्यवस्था को ठीक करें. अधिकारियों ने साफ कहा है कि अगर तय समय में सुधार नहीं हुआ, तो संस्थानों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
यह कार्रवाई केवल भिलाई तक सीमित नहीं है. रायपुर में भी कोचिंग सेंटरों के निरीक्षण में गंभीर कमियां मिली हैं और सुधार के लिए एक हफ्ते का समय दिया गया है. वहीं, लखनऊ में अलीगंज हादसे के बाद हजरतगंज स्थित एलन और मोशन जैसे बड़े कोचिंग सेंटरों को सील कर दिया गया है. मुंगेर, बिलासपुर, जयपुर, इंदौर और कानपुर जैसे शहरों में भी इसी तरह की जांच चल रही है. राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने भी इस पूरे मामले का संज्ञान लिया है और देशभर के कोचिंग संस्थानों में छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है.