Delhi के जंतर-मंतर पर भरत तिवारी एनकाउंटर को लेकर प्रदर्शन, बिहार के बक्सर से पहुंचे सैकड़ों लोग
Delhi/Bihar: भरत भूषण तिवारी के एनकाउंटर के एक महीने पूरे होने पर उनके परिवार और समर्थकों ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर जोरदार प्रदर्शन किया। इस विरोध प्रदर्शन में बिहार के बक्सर जिले से बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए हैं। प्
Delhi/Bihar: भरत भूषण तिवारी के एनकाउंटर के एक महीने पूरे होने पर उनके परिवार और समर्थकों ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर जोरदार प्रदर्शन किया। इस विरोध प्रदर्शन में बिहार के बक्सर जिले से बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए हैं। प्रदर्शनकारी अपनी मांगों को लेकर अड़े हैं और सरकार से न्याय की गुहार लगा रहे हैं।
यह प्रदर्शन 12 जुलाई 2026 को शुरू हुआ था, जो 17 जुलाई तक जारी रहा। प्रदर्शन का नेतृत्व भरत तिवारी की मां आशा देवी और भाई चंदन तिवारी कर रहे हैं। इस दौरान ‘क्रांतिवीर भरत तिवारी संघर्ष मोर्चा’ और ‘वीर शहीद भरत तिवारी न्याय संघर्ष मोर्चा’ जैसे बैनर तले लोग जुटे। करणी सेना और परशुराम सेना ने भी अपना समर्थन दिया। बक्सर सदर के पूर्व विधायक मुन्ना तिवारी और मनीष कश्यप जैसे लोग भी वहां मौजूद रहे। वहीं, पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव ने परिवार से मुलाकात कर मामले को सुप्रीम कोर्ट ले जाने का भरोसा दिया है और AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने भी इस मामले में बिहार सरकार को घेरा है।
प्रदर्शनकारियों ने सरकार के सामने कई मांगें रखी हैं, जिनमें मुख्य रूप से निष्पक्ष जांच और दोषी पुलिसकर्मियों पर कड़ी कार्रवाई शामिल है। परिवार ने 1 करोड़ रुपये के मुआवजे और एक सदस्य को सरकारी नौकरी की मांग की है। साथ ही भरत तिवारी का स्मारक बनाने और उनके जैसे अन्य एनकाउंटर मामलों में न्याय की मांग की गई है। आशा देवी ने चेतावनी दी है कि जब तक सरकार बातचीत नहीं करती, वे आमरण अनशन पर बैठ सकती हैं।
दूसरी तरफ, इस मामले की जांच के लिए पटना हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज विनोद कुमार सिन्हा की अध्यक्षता में एक न्यायिक आयोग बनाया गया है। 17 जुलाई को आयोग के सामने पुलिस अधिकारियों ने अपने बयान दिए। जगदीशपुर के तत्कालीन SDPO राजेश कुमार शर्मा और शाहपुर के तत्कालीन थानाध्यक्ष राजेश मालाकार ने दावा किया कि भरत तिवारी ने पुलिस पर फायरिंग की थी, जिसके बाद आत्मरक्षा में गोली चलानी पड़ी। हालांकि, ललिता देवी नाम की एक चश्मदीद गवाह ने आयोग को बताया कि पिस्टल फेंकने के बाद भरत तिवारी को पीछे से तीन गोलियां मारी गईं।
फिलहाल इस मामले में FIR दर्ज हो चुकी है और संबंधित थानाध्यक्ष को सस्पेंड कर दिया गया है। फॉरेंसिक जांच जारी है ताकि यह पता चल सके कि गोली किस हथियार से चली थी। वहीं, परिवार का आरोप है कि आरोपी अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां देकर उन्हें बचाने की कोशिश की जा रही है।