UP और Punjab के लोगों के लिए अच्छी खबर है. भारत टैक्सी ने अब लखनऊ और चंडीगढ़ में अपनी सेवाएं शुरू कर दी हैं. यह प्लेटफॉर्म बाकी कंपनियों से अलग है क्योंकि यह ड्राइवरों के मालिकाना हक पर चलता है और उनसे कोई कमीशन नहीं लेत
UP और Punjab के लोगों के लिए अच्छी खबर है. भारत टैक्सी ने अब लखनऊ और चंडीगढ़ में अपनी सेवाएं शुरू कर दी हैं. यह प्लेटफॉर्म बाकी कंपनियों से अलग है क्योंकि यह ड्राइवरों के मालिकाना हक पर चलता है और उनसे कोई कमीशन नहीं लेता. कंपनी अब मुंबई में लॉन्च होने की तैयारी में है और जल्द ही जयपुर में भी अपनी सर्विस शुरू करेगी.
भारत टैक्सी का जीरो कमीशन मॉडल क्या है?
भारत टैक्सी एक कोऑपरेटिव मॉडल पर काम करती है, जिसका मतलब है कि इसमें ड्राइवर ही इसके असली मालिक हैं. सामान्य तौर पर अन्य कंपनियां 20 से 30 प्रतिशत कमीशन लेती हैं, लेकिन यहाँ ग्राहक द्वारा दिया गया पूरा किराया ड्राइवर को मिलता है. साथ ही, यहाँ सर्ज प्राइसिंग नहीं होती, जिससे यात्रियों को स्थिर दाम मिलते हैं. ड्राइवर मात्र 500 रुपये निवेश कर इस प्लेटफॉर्म के शेयरधारक बन सकते हैं.
ड्राइवरों को मिलने वाली सुविधाएं और लाभ
प्लेटफॉर्म से जुड़े ड्राइवरों को सामाजिक सुरक्षा देने के लिए कई इंतजाम किए गए हैं. इसमें बीमा और लोन जैसी सुविधाएं शामिल हैं:
| सुविधा |
विवरण |
| दुर्घटना बीमा |
5 लाख रुपये का व्यक्तिगत बीमा |
| स्वास्थ्य बीमा |
5 लाख रुपये का पारिवारिक बीमा |
| किराया |
100% भुगतान सीधे ड्राइवर को |
| लोन सुविधा |
मुद्रा ऋण और अन्य सरकारी योजनाओं तक पहुंच |
महिलाओं को आगे बढ़ाने के लिए ‘बाइक दीदी’ पहल भी शुरू की गई है, जिससे अब तक 150 से ज्यादा महिलाएं जुड़ चुकी हैं. वर्तमान में दिल्ली-NCR और गुजरात के कई शहरों में यह सर्विस पहले से चल रही है.
सरकारी समर्थन और भविष्य की योजना
इस प्लेटफॉर्म का शुभारंभ केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने किया था और मुंबई में ड्राइवर ऑनबोर्डिंग की शुरुआत पीयूष गोयल ने की. इसे अमूल, इफको और नाबार्ड जैसी बड़ी सहकारी संस्थाओं का समर्थन मिला हुआ है. कंपनी का लक्ष्य अगले एक साल में देश के सभी बड़े शहरों और कस्बों तक पहुँचना है. लखनऊ में बेहतर सेवा के लिए ट्रैफिक पुलिस और मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन के साथ मिलकर काम करने की योजना है.
Frequently Asked Questions (FAQs)
भारत टैक्सी में ड्राइवर कैसे जुड़ सकते हैं और मालिकाना हक कैसे मिलता है?
ड्राइवर 500 रुपये का न्यूनतम निवेश करके पांच शेयर खरीद सकते हैं, जिससे वे प्लेटफॉर्म के सह-मालिक बन जाते हैं और लाभ के हकदार होते हैं.
क्या यात्रियों के लिए किराए में कोई बदलाव होगा?
भारत टैक्सी में सर्ज प्राइसिंग लागू नहीं होती है, इसलिए कीमतें स्थिर रहती हैं और यात्री यूपीआई के जरिए सीधे ड्राइवर को भुगतान कर सकते हैं.