Bhagalpur में लाइक्स के लिए थाना परिसर में बनाया फर्जी वीडियो, पुलिस को ब्लैकमेल करने वाला यूट्यूबर गिरफ्तार

Bhagalpur: सोशल मीडिया पर व्यूज और लाइक्स पाने की होड़ अब अपराध का रूप ले रही है। भागलपुर पुलिस ने एक ऐसे रैकेट का पर्दाफाश किया है जिसने महज लोकप्रियता और पैसों के लिए पुलिस को ही ब्लैकमेल करने की कोशिश की। इस मामले में

Bhagalpur: सोशल मीडिया पर व्यूज और लाइक्स पाने की होड़ अब अपराध का रूप ले रही है। भागलपुर पुलिस ने एक ऐसे रैकेट का पर्दाफाश किया है जिसने महज लोकप्रियता और पैसों के लिए पुलिस को ही ब्लैकमेल करने की कोशिश की। इस मामले में यूट्यूबर गोपाल शर्मा और उसके दो साथियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।

पूरा मामला अमडंडा थाना परिसर का है, जहां संदिग्ध पदार्थ के सेवन का एक वीडियो वायरल हुआ था। इस वीडियो के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया था, लेकिन जांच में सब कुछ झूठ निकला। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) प्रमोद कुमार ने बताया कि वीडियो में लगाए गए सभी आरोप भ्रामक और निराधार थे। उन्होंने साफ किया कि भ्रष्टाचार या नशे के मामलों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी, लेकिन गलत सूचना फैलाना भी अपराध है।

इस मामले का खुलासा तब हुआ जब वीडियो में दिख रहे युवक संदीप कुमार सिंह ने पुलिस को लिखित बयान दिया। संदीप ने माना कि यह वीडियो सिर्फ ज्यादा लाइक्स और व्यूज पाने के लिए बनाया गया था। उसने बताया कि उसने चौकीदार कक्ष में रखे कागज के टुकड़ों और माचिस का इस्तेमाल करके नशा करने का नाटक किया था। संदीप ने यह भी स्वीकार किया कि पुलिस ने उसके साथ कोई मारपीट या अवैध वसूली नहीं की थी।

संदीप के मुताबिक, यूट्यूबर गोपाल शर्मा और उसके दो साथियों ने पुलिस पर दबाव बनाकर अवैध धन उगाही की साजिश रची थी। उन्हें उम्मीद थी कि पुलिस वीडियो के डर से पैसे देगी, जिसमें संदीप को भी हिस्सा देने का लालच दिया गया था। एसएसपी ने इस मामले की निष्पक्ष जांच के लिए कहलगांव-1 के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO) को जिम्मेदारी सौंपी है। पुलिस ने अब आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।