Bihar: भागलपुर शहर में तालाबों को पाटकर कॉलोनियां बसाने से भूजल स्तर बहुत तेजी से नीचे गिर रहा है। पहले जहाँ 30-45 फीट पर पानी मिल जाता था, अब गर्मियों में यह 150 फीट तक चला गया है। प्रशासन की लापरवाही और कागजों तक सीमित
Bihar: भागलपुर शहर में तालाबों को पाटकर कॉलोनियां बसाने से भूजल स्तर बहुत तेजी से नीचे गिर रहा है। पहले जहाँ 30-45 फीट पर पानी मिल जाता था, अब गर्मियों में यह 150 फीट तक चला गया है। प्रशासन की लापरवाही और कागजों तक सीमित योजनाओं की वजह से शहर के लोग अब बूंद-बूंद पानी के लिए तरस सकते हैं।
तालाबों पर अतिक्रमण और गिरता वाटर लेवल
शहर में तालाबों को भरकर मकान बनाए गए हैं, जिससे जमीन के अंदर पानी रिचार्ज नहीं हो पा रहा है। कुछ इलाकों में तो बोरिंग फेल होने की वजह से लोगों को 300-350 फीट तक गहरा बोरवेल कराना पड़ रहा है। नगर आयुक्त किसलय कुशवाहा के आदेश पर हसनपुर और कंपनीबाग में अवैध बस्तियों को हटाने का अभियान शुरू हुआ है, जहाँ 150 से ज्यादा अवैध घरों की पहचान की गई है और उन्हें एक हफ्ते का समय दिया गया है।
पानी की आपूर्ति के लिए क्या हैं सरकारी योजनाएं
नगर निगम ने भूजल बचाने के लिए 650 करोड़ रुपये की गंगा जल आपूर्ति योजना बनाई है। बरारी में वाटर ट्रीटमेंट प्लांट तैयार है और जल्द ही इसे जलमीनारों से जोड़ा जाएगा। साथ ही साहेबगंज में 413 करोड़ की लागत से सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट बन रहा है, जो नाले के पानी को साफ कर गंगा में छोड़ेगा। हालांकि, 600 करोड़ की 90 MLD जलापूर्ति योजना पिछले छह महीनों से ठप पड़ी है क्योंकि बुडको पानी को प्लांट तक पहुँचाने में नाकाम रहा है।
ग्राउंड रिपोर्ट और योजनाओं की हकीकत
केंद्रीय भूजल बोर्ड (CGWB) की रिपोर्ट के अनुसार भागलपुर को अभी सुरक्षित जोन में रखा गया है और यहाँ भूजल दोहन 45.54% है। लेकिन जमीनी हकीकत अलग है। ‘हर घर नल का जल’ योजना के दावों के बावजूद सबौर और बरारी के कई मोहल्ले अब भी प्यासे हैं। बरहपुरा के रमजान अली लेन में चार साल पहले पाइपलाइन बिछी थी, लेकिन आज तक पानी नहीं पहुँचा है। हालांकि, बरहपुरा में एक नई जलमीनार का काम शुरू हुआ है जिससे 50,000 लोगों को फायदा होगा।
Frequently Asked Questions (FAQs)
भागलपुर में भूजल स्तर कितना नीचे चला गया है?
एक दशक पहले पानी 30-45 फीट पर मिलता था, जो अब सामान्य दिनों में 80-100 फीट और गर्मियों में 150 फीट तक नीचे चला गया है।
अतिक्रमण हटाने के लिए प्रशासन ने क्या कदम उठाए हैं?
नगर आयुक्त के आदेश पर हसनपुर और कंपनीबाग में 150 से अधिक अवैध घरों की पहचान की गई है और उन्हें हटाने का नोटिस दिया गया है।