Bihar: भागलपुर की सूरत बदलने के लिए राज्य सरकार एक बड़ा कदम उठाने जा रही है। शहर के पास 24,000 एकड़ में ‘विक्रमशिला टाउनशिप’ विकसित की जाएगी। यह एक ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप होगी, जिसे नोएडा और गुरुग्राम की
Bihar: भागलपुर की सूरत बदलने के लिए राज्य सरकार एक बड़ा कदम उठाने जा रही है। शहर के पास 24,000 एकड़ में ‘विक्रमशिला टाउनशिप’ विकसित की जाएगी। यह एक ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप होगी, जिसे नोएडा और गुरुग्राम की तर्ज पर बसाया जाएगा। इसका मुख्य मकसद इलाके में रोजगार बढ़ाना और लोगों का पलायन रोकना है।
विक्रमशिला टाउनशिप की खास बातें और सुविधाएं
यह टाउनशिप आधुनिक सुविधाओं से लैस एक मिनी शहर होगा। इसमें चौड़ी सड़कें, सीवरेज सिस्टम, जल निकासी, स्ट्रीट लाइट और ग्रीन बफर जोन बनाए जाएंगे। इसके अलावा यहां आईटी केंद्र, स्पोर्ट्स सिटी, फिनटेक हब, अस्पताल और पार्क जैसी सुविधाएं मिलेंगी। यह शहर भागलपुर रेलवे स्टेशन से 10 किमी और प्रस्तावित सुल्तानगंज एयरपोर्ट से 18 किमी की दूरी पर होगा।
किन गांवों पर लगी रोक और क्या हैं नियम
नगर विकास एवं आवास विभाग ने इस प्रोजेक्ट के लिए नाथनगर, शाहकुंड, सुल्तानगंज और नारायणपुर प्रखंड के कुल 84 गांवों की जमीन को ‘रेड लिस्ट’ में डाल दिया है। प्रशासन ने 30 जून 2027 तक इन चिह्नित क्षेत्रों में जमीन की खरीद-बिक्री, ट्रांसफर और नए निर्माण पर पूरी तरह रोक लगा दी है। यह कदम इसलिए उठाया गया है ताकि जमीन की कीमतों में अचानक उछाल और गलत लेनदेन को रोका जा सके।
टाउनशिप का दायरा और प्रभाव
| विवरण |
जानकारी |
| कुल क्षेत्रफल |
24,000 एकड़ |
| कोर एरिया |
861 एकड़ |
| प्रभावित प्रखंड |
नाथनगर (49), शाहकुंड (16), सुल्तानगंज (15), नारायणपुर (4) |
| चौहद्दी |
उत्तर: गंगा पथ, दक्षिण: पचरूखी, पूरब: चंपानाला, पश्चिम: शाहकुंड-अकबरनगर रोड |
| आधार अधिनियम |
बिहार शहरी आयोजना एवं विकास अधिनियम, 2012 |
Frequently Asked Questions (FAQs)
विक्रमशिला टाउनशिप में जमीन की रजिस्ट्री कब तक बंद रहेगी?
चिह्नित कोर और विशेष क्षेत्रों में भूमि की खरीद-बिक्री और रजिस्ट्री पर 30 जून 2027 तक रोक लगा दी गई है।
इस टाउनशिप का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इसका उद्देश्य भागलपुर में रोजगार पैदा करना, पलायन रोकना और आधुनिक सुविधाओं के साथ एक मिनी शहर विकसित करना है ताकि मुख्य शहर पर आबादी का दबाव कम हो।