Bihar: भागलपुर का विक्रमशिला सेतु इस समय बड़ी मुसीबत में है. एक स्लैब गिरने के बाद जब जांच हुई तो पता चला कि तीन और स्लैब खराब हो चुके हैं. विशेषज्ञों ने साफ कह दिया है कि इनमें से दो स्लैब की मरम्मत संभव नहीं है और उन्ह
Bihar: भागलपुर का विक्रमशिला सेतु इस समय बड़ी मुसीबत में है. एक स्लैब गिरने के बाद जब जांच हुई तो पता चला कि तीन और स्लैब खराब हो चुके हैं. विशेषज्ञों ने साफ कह दिया है कि इनमें से दो स्लैब की मरम्मत संभव नहीं है और उन्हें तोड़कर दोबारा बनाना ही एकमात्र रास्ता है. इस वजह से पुल पर यातायात पूरी तरह बंद कर दिया गया है जिससे लोगों को काफी परेशानी हो रही है.
पुल की हालत और जांच में क्या सामने आया
पिलर संख्या 133 के पास एक स्लैब गंगा नदी में गिर गया था. जांच के दौरान पाया गया कि 13 से ज्यादा पिलरों के पास एक्सपेंशन ज्वाइंट में दरारें बढ़ गई हैं और कई बियरिंग भी टूट चुके हैं. आईआईटी पटना की टीम अब अत्याधुनिक मशीनों से पुल की अंदरूनी जांच करेगी ताकि यह पता चल सके कि संरचना में और कितनी कमजोरी है. यह पूरी रिपोर्ट तीन हफ्ते में आएगी.
मरम्मत के लिए क्या है सरकारी योजना
पथ निर्माण विभाग और बीआरओ की मदद से मरम्मत का काम शुरू कर दिया गया है. यातायात बहाल करने के लिए पहले एक बेली ब्रिज बनाया जाएगा और दो महीने के भीतर दो लेन का ट्रस ब्रिज तैयार करने का लक्ष्य है. पहले मरम्मत के लिए 26 करोड़ रुपये का बजट था, लेकिन अब इसे बढ़ाकर 75-80 करोड़ रुपये करने की तैयारी है. विभाग का लक्ष्य है कि तीन महीने के भीतर क्षतिग्रस्त हिस्से का काम पूरा कर लिया जाए.
लापरवाही और प्रशासनिक कार्रवाई
जांच में यह बात सामने आई कि पिछले चार साल से पुल के रखरखाव में भारी लापरवाही बरती गई. साल 2020-21 के बाद रखरखाव का ठेका लेने वाली कंपनी ने काम छोड़ दिया था, जिस पर ध्यान नहीं दिया गया. इस लापरवाही के चलते संबंधित कार्यपालक अभियंता को सस्पेंड कर दिया गया है. जिलाधिकारी ने बताया कि समय रहते लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया.
Frequently Asked Questions (FAQs)
विक्रमशिला सेतु पर यातायात कब तक बहाल होगा?
प्रशासन दो महीने के भीतर दो लेन का ट्रस ब्रिज बनाने का लक्ष्य रख रहा है और उससे पहले यातायात के लिए बेली ब्रिज बनाने का निर्णय लिया गया है.
पुल की मरम्मत में कितना खर्च आएगा?
पुराना 26 करोड़ का प्राक्कलन रद्द कर दिया गया है और अब नई डीपीआर के अनुसार लगभग 75 से 80 करोड़ रुपये की लागत आने का अनुमान है.