Bihar: भागलपुर के विक्रमशिला सेतु की हालत खराब होने के बाद अब सरकार ने नई रणनीति बनाई है। पुल के रखरखाव के लिए पहले जो फाइल तैयार की गई थी, उसे अब ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है। इसकी जगह अब एक आधुनिक ट्रस ब्रिज बनाने की
Bihar: भागलपुर के विक्रमशिला सेतु की हालत खराब होने के बाद अब सरकार ने नई रणनीति बनाई है। पुल के रखरखाव के लिए पहले जो फाइल तैयार की गई थी, उसे अब ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है। इसकी जगह अब एक आधुनिक ट्रस ब्रिज बनाने की तैयारी चल रही है, ताकि लोगों को आने-जाने में दिक्कत न हो और पुल की मरम्मत का काम भी सही से हो सके।
विक्रमशिला सेतु के रखरखाव में क्या बदलाव हुए?
पिछले डेढ़ साल से 4.700 किलोमीटर लंबे इस पुल की मरम्मत की फाइल वित्तीय मंजूरी के इंतजार में अटकी थी। पहले पथ निर्माण विभाग ने राज्य के फंड से करीब 22 करोड़ रुपये खर्च कर मरम्मत करने का फैसला लिया था। लेकिन 3 मई की रात पुल का एक स्लैब गिर गया, जिसके बाद पुराने एस्टीमेट को रद्द कर दिया गया। अब एक नया और संशोधित एस्टीमेट तैयार किया जा रहा है, जिसके लिए कैबिनेट से बड़े बजट की मंजूरी ली जाएगी।
नया ट्रस ब्रिज कैसा होगा और कौन बनाएगा?
विक्रमशिला सेतु के समानांतर 4 किलोमीटर लंबा दो लेन का ट्रस ब्रिज बनाया जाएगा। इसे सीमा सड़क संगठन (BRO) की देखरेख में आधुनिक इंजीनियरिंग तकनीक से तैयार किया जाएगा। इस पुल की नींव वेल फाउंडेशन तकनीक से बनेगी और इसमें प्री-फैब्रिकेटेड स्टील पैनलों का इस्तेमाल होगा, जिससे निर्माण जल्दी पूरा हो सकेगा। यह पुल मरम्मत के दौरान एक वैकल्पिक रास्ते के रूप में काम करेगा, जिस पर वाहनों के लिए स्टील या कंक्रीट का मजबूत डेक और पैदल यात्रियों के लिए अलग रास्ता होगा।
अभी पुल पर ट्रैफिक की क्या स्थिति है?
7 जून 2026 को बेली ब्रिज के जरिए हल्के वाहनों के लिए रास्ता खोल दिया गया है। BRO की 82 सदस्यीय टीम ने 20 दिनों में चार बेली ब्रिज तैयार किए। फिलहाल यहाँ केवल 10 टन तक की क्षमता वाले हल्के वाहनों को 40 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से चलने की अनुमति है। भारी ट्रकों का प्रवेश वर्जित है और ट्रैफिक को कंट्रोल करने के लिए वन-वे सिस्टम लागू किया गया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इस पुल को 30 नवंबर तक पुराने स्वरूप में बहाल करने का लक्ष्य रखा है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
विक्रमशिला सेतु पर अभी किस तरह के वाहनों को अनुमति है?
फिलहाल बेली ब्रिज के जरिए केवल 10 टन तक की क्षमता वाले हल्के और मध्यम वाहनों को अनुमति है। भारी ट्रकों और बड़े मालवाहक वाहनों का पुल पर चलना प्रतिबंधित है।
नया ट्रस ब्रिज क्यों बनाया जा रहा है?
यह पुल विक्रमशिला सेतु की मुख्य मरम्मत के दौरान एक वैकल्पिक मार्ग के रूप में काम करेगा। इसकी नींव वेल फाउंडेशन तकनीक से होगी और यह स्टील के ढांचे पर आधारित होगा।