Bihar: भागलपुर और नवगछिया को जोड़ने वाला विक्रमशिला सेतु एक स्लैब गिरने के कारण पूरी तरह बंद कर दिया गया है। यह घटना 3 मई 2026 की देर रात या 4 मई की सुबह हुई, जिससे करीब 16 जिलों की कनेक्टिविटी प्रभावित हुई है। जिला प्रश
Bihar: भागलपुर और नवगछिया को जोड़ने वाला विक्रमशिला सेतु एक स्लैब गिरने के कारण पूरी तरह बंद कर दिया गया है। यह घटना 3 मई 2026 की देर रात या 4 मई की सुबह हुई, जिससे करीब 16 जिलों की कनेक्टिविटी प्रभावित हुई है। जिला प्रशासन ने करीब एक लाख लोगों की परेशानी कम करने के लिए नाव सेवा और वैकल्पिक रास्तों का इंतजाम किया है।
पुल क्यों बंद हुआ और अब क्या स्थिति है?
विक्रमशिला सेतु के पिलर नंबर 133 के पास एक स्लैब टूटकर गंगा नदी में गिर गया। प्रशासन ने समय रहते ट्रैफिक रोक दिया था, जिससे कोई जनहानि नहीं हुई। बिहार राज्य पुल निर्माण निगम के अध्यक्ष डॉ. चंद्रशेखर सिंह ने बताया कि मरम्मत में लगभग तीन महीने लगेंगे। वहीं, समानांतर बन रहे नए पुल पर दिसंबर 2026 तक गाड़ियां चलने की उम्मीद है। लापरवाही के आरोप में एक कार्यपालक अभियंता को सस्पेंड कर दिया गया है और IIT Patna की टीम जांच कर रही है।
आम लोगों के लिए यात्रा के क्या विकल्प हैं?
जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी ने यात्रियों के लिए कई वैकल्पिक व्यवस्थाएं की हैं। बरारी-महादेवपुर घाट के बीच मुफ्त नाव सेवा शुरू की गई है, जो सूर्योदय से सूर्यास्त तक चलेगी। इसके साथ ही बस और ऑटो का एक एकीकृत मॉडल लागू किया गया है। भारी वाहनों को सुल्तानगंज, मुंगेर (श्रीकृष्ण सिंह सेतु) और खगड़िया के पुलों की तरफ डायवर्ट किया गया है। मानसून की वजह से फिलहाल पीपा पुल नहीं बनाया जाएगा।
घाटों पर क्या हालात हैं और प्रशासन ने क्या किया?
नाव सेवाओं पर यात्रियों का दबाव बहुत ज्यादा है, जिससे घाटों पर लंबी कतारें लग रही हैं। कुछ निजी नाव संचालकों द्वारा ज्यादा किराया वसूलने की शिकायतें भी आई हैं। इसे देखते हुए गंगा घाटों पर मजिस्ट्रेट और भारी पुलिस बल तैनात किया गया है ताकि भीड़ को नियंत्रित किया जा सके। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मरम्मत कार्य में तेजी लाने के लिए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से भारतीय सेना की मदद मांगी है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
विक्रमशिला सेतु कब तक खुलेगा और नया पुल कब तैयार होगा?
क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत में लगभग तीन महीने का समय लगेगा। वहीं, सेतु के समानांतर बन रहे नए पुल पर दिसंबर 2026 तक वाहनों का परिचालन शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है।
भागलपुर से नवगछिया जाने के लिए अभी कौन से रास्ते उपलब्ध हैं?
यात्री बरारी-महादेवपुर घाट के बीच नाव सेवा का उपयोग कर सकते हैं। भारी वाहनों के लिए सुल्तानगंज, मुंगेर के श्रीकृष्ण सिंह सेतु और खगड़िया के पुलों का डायवर्जन रूट लागू किया गया है।