Bihar: भागलपुर के विक्रमशिला सेतु का एक हिस्सा गिरने से लोगों को आने-जाने में काफी दिक्कत हो रही थी। इस ट्रैफिक संकट को दूर करने के लिए प्रशासन और भारतीय सेना ने मिलकर काम शुरू कर दिया है। पुल के क्षतिग्रस्त हिस्से पर एक
Bihar: भागलपुर के विक्रमशिला सेतु का एक हिस्सा गिरने से लोगों को आने-जाने में काफी दिक्कत हो रही थी। इस ट्रैफिक संकट को दूर करने के लिए प्रशासन और भारतीय सेना ने मिलकर काम शुरू कर दिया है। पुल के क्षतिग्रस्त हिस्से पर एक अस्थायी बेली ब्रिज बनाया जा रहा है ताकि जल्द से जल्द आवागमन बहाल हो सके।
बेली ब्रिज कब तक तैयार होगा और कौन से वाहन चल पाएंगे
विक्रमशिला सेतु पर बेली ब्रिज का स्ट्रक्चर 19 मई, 2026 को लॉन्च कर दिया गया है। जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी के मुताबिक, छोटे वाहनों के लिए पुल पर आवाजाही 5 जून, 2026 तक शुरू होने की उम्मीद है। यह पुल डबल लेयर का होगा जिसकी क्षमता 20 से 25 टन तक रखी गई है, इसलिए इस पर केवल हल्के वाहनों को ही अनुमति मिलेगी। भारी वाहनों के लिए अभी इंतजार करना होगा।
निर्माण कार्य में कौन-कौन शामिल है और क्या है तैयारी
इस पुल का निर्माण Border Roads Organisation (BRO) और भारतीय सेना मिलकर कर रहे हैं। काम की तकनीकी निगरानी तीन राज्यों के IIT विशेषज्ञ कर रहे हैं। पथ निर्माण विभाग के प्रधान सचिव पंकज पाल ने मौके पर जाकर निरीक्षण किया और अधिकारियों को बिना किसी लापरवाही के तय समय में काम पूरा करने का निर्देश दिया। वर्तमान में 49-50 मीटर लंबा और 5 मीटर चौड़ा अस्थायी पुल बनाया जा रहा है, जिसका वजन करीब 100 टन है।
स्थायी मरम्मत और भविष्य की योजना क्या है
अस्थायी बेली ब्रिज के साथ-साथ स्थायी मरम्मत की जिम्मेदारी बिहार राज्य पुल निर्माण निगम को दी गई है। बीआरओ की टीम पुल के अन्य कमजोर हिस्सों पर भी गर्डर लगाने की योजना बना रही है। इसके अलावा, लंबे समय के समाधान के लिए दो लेन वाले ट्रस ब्रिज के निर्माण की तैयारी भी शुरू कर दी गई है। एमईएस (MES) और मुंबई की एक कंपनी भी इसकी प्लानिंग में मदद कर रही हैं।
Frequently Asked Questions (FAQs)
विक्रमशिला सेतु पर छोटे वाहनों का आवागमन कब शुरू होगा
प्रशासन के अनुसार, बेली ब्रिज का काम तेजी से चल रहा है और छोटे वाहनों के लिए आवागमन 5 जून, 2026 तक बहाल होने की संभावना है।
बेली ब्रिज की क्षमता कितनी है और क्या भारी वाहन चल सकेंगे
निर्मित किए जा रहे बेली ब्रिज की क्षमता 20 से 25 टन है। इस कारण केवल छोटे और हल्के वाहनों को ही अनुमति मिलेगी, भारी वाहनों का परिचालन अभी संभव नहीं है।