Bihar: भागलपुर में सरकार एक नया ग्रीनफील्ड सैटेलाइट शहर बसाने जा रही है, जिसका नाम विक्रमशिला रखा गया है। इस प्रोजेक्ट की वजह से जिले के तीन प्रखंडों में जमीन की खरीद-बिक्री और नए निर्माण पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। इस
Bihar: भागलपुर में सरकार एक नया ग्रीनफील्ड सैटेलाइट शहर बसाने जा रही है, जिसका नाम विक्रमशिला रखा गया है। इस प्रोजेक्ट की वजह से जिले के तीन प्रखंडों में जमीन की खरीद-बिक्री और नए निर्माण पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। इस फैसले के बाद स्थानीय जमीन बाजार में भारी गिरावट आई है और लोग इसे लॉकडाउन जैसा असर बता रहे हैं।
किन इलाकों में लगी है रोक और क्या हैं नियम
बिहार कैबिनेट ने 22 अप्रैल 2026 को इस योजना को मंजूरी दी थी। इसके तहत जगदीशपुर, सबौर और नाथनगर प्रखंडों में जमीन की रजिस्ट्री और निर्माण कार्य पर रोक लगा दी गई है। यह पाबंदी 30 जून 2027 तक या मास्टर प्लान लागू होने तक रहेगी। यह नियम कोर एरिया और लगभग 24,000 एकड़ के स्पेशल एरिया पर लागू होता है।
जमीन मालिकों को क्या फायदा होगा
इस प्रोजेक्ट में लैंड पूलिंग (Land Pooling) मॉडल अपनाया गया है। इसके तहत जमीन मालिकों को विकसित जमीन का 55% हिस्सा वापस मिलेगा, जिसमें सड़क, बिजली और ड्रेनेज की सुविधा होगी। बाकी 45% हिस्सा सरकार बुनियादी ढांचे के लिए रखेगी। UDHD के प्रधान सचिव विनय कुमार ने बताया कि यह रोक इसलिए लगाई गई है ताकि भू-माफिया किसानों का शोषण न कर सकें और योजनाबद्ध तरीके से शहर बस सके।
स्थानीय बाजार और कारोबार पर असर
रजिस्ट्री ऑफिस के आंकड़ों के मुताबिक जमीन की रजिस्ट्री में 20-25% की कमी आई है। रजिस्ट्री ऑफिस के पास स्थित होटल, स्टेशनरी और नाश्ते की दुकानों की कमाई करीब 50% तक गिर गई है क्योंकि अब वहां आने वाले लोगों की संख्या कम हो गई है। रजिस्ट्रेशन ऑफिसर प्रिया दर्शन ने कहा कि शुरुआत में थोड़ी भीड़ थी, लेकिन अब दैनिक लेनदेन काफी घट गया है।
| सुविधा/नियम |
विवरण |
| प्रोजेक्ट का नाम |
विक्रमशिला सैटेलाइट सिटी |
| प्रभावित प्रखंड |
जगदीशपुर, सबौर, नाथनगर |
| रजिस्ट्री पर रोक |
30 जून 2027 तक |
| जमीन वापसी |
55% विकसित जमीन वापस मिलेगी |
| सरकारी हिस्सा |
45% (सड़क, पार्क और उपयोगिताओं के लिए) |
Frequently Asked Questions (FAQs)
विक्रमशिला सैटेलाइट सिटी के लिए किन इलाकों में रजिस्ट्री बंद है
भागलपुर के जगदीशपुर, सबौर और नाथनगर प्रखंडों में जमीन की खरीद-बिक्री और नए निर्माण पर रोक लगाई गई है।
जमीन देने वाले किसानों को क्या मिलेगा
लैंड पूलिंग स्कीम के तहत जमीन मालिकों को 55% विकसित जमीन वापस मिलेगी। जो लोग इसमें शामिल नहीं होना चाहते, उन्हें बाजार दर पर भुगतान या TDR का विकल्प दिया जाएगा।