Bhagalpur में विक्रमशिला केंद्रीय विश्वविद्यालय के लिए 200 एकड़ ज़मीन का हस्तांतरण पूरा, शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा कदम

Bhagalpur: बिहार के शैक्षणिक इतिहास में 15 जुलाई 2026 का दिन बहुत महत्वपूर्ण रहा। राज्य शिक्षा विभाग ने एक बड़े कार्यक्रम के दौरान विक्रमशिला केंद्रीय विश्वविद्यालय के निर्माण के लिए ज़मीन हस्तांतरण की प्रक्रिया पूरी कर

Bhagalpur: बिहार के शैक्षणिक इतिहास में 15 जुलाई 2026 का दिन बहुत महत्वपूर्ण रहा। राज्य शिक्षा विभाग ने एक बड़े कार्यक्रम के दौरान विक्रमशिला केंद्रीय विश्वविद्यालय के निर्माण के लिए ज़मीन हस्तांतरण की प्रक्रिया पूरी कर ली है। मुख्यमंत्री ने 211 सरकारी डिग्री कॉलेजों के उद्घाटन के साथ ही करीब 220 एकड़ भूमि के हस्तांतरण की घोषणा की, जिससे अब इस यूनिवर्सिटी की स्थापना का रास्ता साफ हो गया है।

इस काम को समय पर पूरा करने के लिए भागलपुर जिला प्रशासन ने काफी सख्ती दिखाई थी। जिला भू-अर्जन कार्यालय को आदेश दिया गया था कि 10 जुलाई से 15 जुलाई तक रविवार और छुट्टियों के दिन भी ऑफिस सामान्य दिनों की तरह खुला रहे। हालांकि, इस प्रक्रिया के दौरान कुछ चुनौतियां भी आईं। 9 जून 2026 को कहलगाँव प्रखंड की अंतीचक पंचायत के किसानों ने अपनी खेती की ज़मीन के लिए उचित मुआवजे की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किया था।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि भूमि अधिग्रहण का काम कानून की धारा 19(1) के तहत किया जा रहा है। ज़मीन मालिकों की सूची जारी होने के बाद 60 दिनों का समय दिया जाएगा ताकि लोग अपनी आपत्ति या दावा पेश कर सकें। इसके बाद मूल्यांकन नोटिस जारी कर पात्र लोगों को भुगतान किया जाएगा। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि मुआवजे के भुगतान में कोई लापरवाही न बरती जाए और रोज़ाना की रिपोर्ट सीधे उनके ऑफिस भेजी जाए।

इस पूरी परियोजना की मुख्य बातें नीचे दी गई हैं:

विवरण जानकारी
कुल चिह्नित भूमि करीब 200 से 220 एकड़
भूमि का वितरण अंतीचक (92 एकड़), मलकपुर (84 एकड़), सरकारी ज़मीन (28 एकड़)
केंद्र सरकार का बजट ₹500 करोड़ (प्रारंभिक आवंटन)
बिहार सरकार का कोष ₹87.99 करोड़ से ₹90 करोड़ तक
योजना भागीदार School of Planning and Architecture (SPA), नई दिल्ली
प्रमुख उद्देश्य विक्रमशिला की प्राचीन विरासत को पुनर्जीवित करना

केंद्रीय शिक्षा मंत्री Dharmendra Pradhan ने कहा कि केंद्र सरकार विक्रमशिला की विरासत को वापस लाने के लिए प्रतिबद्ध है। यह प्रोजेक्ट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के विजन को पूरा करेगा, जिससे राज्य के छात्रों को उच्च शिक्षा के बेहतर अवसर मिलेंगे। ज़्यादातर अधिग्रहित ज़मीन कृषि योग्य है और इसमें आम के बाग भी शामिल हैं।