Bhagalpur को बड़ी सौगात, विक्रमशिला पुल की मरम्मत के लिए ₹126 करोड़ जारी, बनेगा मरीन ड्राइव और पावर प्लांट
Bhagalpur: भागलपुर के विकास के लिए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कई बड़ी परियोजनाओं का ऐलान किया है। शहर की सबसे बड़ी समस्या विक्रमशिला पुल की मरम्मत से लेकर मुंगेर-भागलपुर मरीन ड्राइव और पीरपैंती पावर प्लांट तक, इन प्रोजे
Bhagalpur: भागलपुर के विकास के लिए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कई बड़ी परियोजनाओं का ऐलान किया है। शहर की सबसे बड़ी समस्या विक्रमशिला पुल की मरम्मत से लेकर मुंगेर-भागलपुर मरीन ड्राइव और पीरपैंती पावर प्लांट तक, इन प्रोजेक्ट्स से इलाके की सूरत बदलने वाली है। इन फैसलों से स्थानीय लोगों के सफर और रोजगार के अवसरों में बड़ा सुधार होगा।
विक्रमशिला सेतु की जर्जर हालत को सुधारने के लिए बिहार राज्य कैबिनेट ने ₹126.25 करोड़ के बजट को मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री ने इस काम को 30 नवंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा है। इस मरम्मत कार्य में पुल के खराब स्लैब और बॉल-बियरिंग को बदला जाएगा। आईआईटी पटना की टीम ने इसका तकनीकी निरीक्षण कर लिया है। खास बात यह है कि 1 सितंबर 2026 से मुख्य पुल पर तीन महीने के लिए वाहनों का आना-जाना पूरी तरह बंद रहेगा, ताकि काम तेजी से पूरा हो सके।
वहीं, पटना और मुंबई की तर्ज पर अब भागलपुर और मुंगेर के बीच मरीन ड्राइव बनाया जाएगा। लगभग 90 किलोमीटर लंबे इस गंगा पथ की कुल लागत करीब ₹10,000 करोड़ होगी। इसे दो चरणों में बनाया जाएगा, जिसमें पहला हिस्सा मुंगेर के हेरु दियारा से सुल्तानगंज तक और दूसरा हिस्सा सुल्तानगंज से भागलपुर के सबौर घोषपुर तक होगा। यह रास्ता एलिवेटेड कॉरिडोर यानी ऊंचे पिलरों पर बनेगा, जिससे बाढ़ के समय भी ट्रैफिक नहीं रुकेगा। शंकरपुर दियारा में इसका बेस कैंप स्थापित करने का काम शुरू हो चुका है।
औद्योगिक विकास की बात करें तो पीरपैंती में अडानी पावर लिमिटेड द्वारा 2400 मेगावाट क्षमता का अल्ट्रा सुपर क्रिटिकल थर्मल पावर प्लांट लगाया जाएगा। इस प्लांट की अनुमानित लागत ₹20,000 करोड़ से ₹21,400 करोड़ के बीच है। सरकार ने इसके लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज कर दी है और लीज दस्तावेजों पर लगने वाले स्टाम्प ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन शुल्क को माफ कर दिया है। इस पावर प्लांट के बनने से निर्माण के दौरान 10,000 और चालू होने के बाद 3,000 लोगों को स्थायी रोजगार मिलने की उम्मीद है।