Bihar: भागलपुर शहर में इन दिनों टोटो चालकों की लापरवाही आम लोगों के लिए खतरा बन गई है। विक्रमशिला सेतु के क्षतिग्रस्त होने की वजह से शहर के पूर्वी और उत्तरी हिस्सों में ट्रैफिक कम हुआ है, जिसका फायदा उठाकर चालक टोटो को ब
Bihar: भागलपुर शहर में इन दिनों टोटो चालकों की लापरवाही आम लोगों के लिए खतरा बन गई है। विक्रमशिला सेतु के क्षतिग्रस्त होने की वजह से शहर के पूर्वी और उत्तरी हिस्सों में ट्रैफिक कम हुआ है, जिसका फायदा उठाकर चालक टोटो को बहुत तेज रफ्तार में चला रहे हैं। इसी वजह से शहर में आए दिन सड़क हादसे हो रहे हैं।
तिलकामांझी चौक पर क्या हुआ हादसा
शुक्रवार को सुबह 11:10 बजे तिलकामांझी चौक पर एक बड़ा हादसा हुआ। Zero Mile की तरफ से आ रहे एक तेज रफ्तार टोटो का अचानक दाहिना पहिया खुल गया, जिससे वाहन अनियंत्रित होकर पलट गया। इस घटना में चालक सोनू कुमार, जनार्दन मंडल और अर्पणा देवी गंभीर रूप से घायल हो गए। सोनू कुमार के पैर में गहरी चोट आई है, जबकि अन्य घायलों को इलाज के लिए निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
ओवरटेकिंग की होड़ में दो टोटो टकराए
इसी दिन सुबह 9:00 बजे जवाहरलाल नेहरू Medical College के पास एक और दुर्घटना हुई। तिलकामांझी चौक की ओर जा रहे दो टोटो के बीच ओवरटेक करने की होड़ मची थी, जिससे दोनों में जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर इतनी तेज थी कि एक टोटो सड़क किनारे पलट गया और दोनों वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। इस हादसे में चालक आंशिक रूप से घायल हुआ, लेकिन गनीमत रही कि टोटो में कोई यात्री नहीं था।
ट्रैफिक नियमों और रूट की क्या है स्थिति
भागलपुर प्रशासन ने टोटो और ऑटो के लिए 14 रूट तय किए हैं और कलर कोडिंग सिस्टम लागू किया है ताकि वाहन अपने निर्धारित रास्ते पर ही चलें। इसके अलावा, 1 अप्रैल 2025 से स्कूली बच्चों को टोटो में ले जाने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है। प्रशासन समय-समय पर सड़क सुरक्षा के नियम लागू करता है, लेकिन ट्रैफिक कम होने के कारण चालकों की मनमानी बढ़ गई है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
भागलपुर में टोटो हादसे बढ़ने का मुख्य कारण क्या है?
विक्रमशिला सेतु के क्षतिग्रस्त होने से शहर के पूर्वी और उत्तरी इलाकों में ट्रैफिक 30 से 40 प्रतिशत कम हो गया है, जिसका फायदा उठाकर टोटो चालक तेज रफ्तार में वाहन चला रहे हैं।
टोटो के लिए प्रशासन ने क्या नियम बनाए हैं?
प्रशासन ने 14 निर्धारित रूट और कलर कोडिंग सिस्टम लागू किया है। साथ ही, 1 अप्रैल 2025 से स्कूली बच्चों को टोटो में ले जाने पर प्रतिबंध लगाया गया है।