Bihar: भागलपुर जिले ने स्वच्छता के मामले में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय द्वारा आयोजित स्वच्छ सर्वेक्षण ग्रामीण 2025 में भागलपुर को पूर्वी भारत के 115 जिलों में प्रथम स्थान मिला है। इस प्रतियो
Bihar: भागलपुर जिले ने स्वच्छता के मामले में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय द्वारा आयोजित स्वच्छ सर्वेक्षण ग्रामीण 2025 में भागलपुर को पूर्वी भारत के 115 जिलों में प्रथम स्थान मिला है। इस प्रतियोगिता में बिहार के साथ-साथ पश्चिम बंगाल, ओडिशा और झारखंड के जिले भी शामिल थे। जिले के उप विकास आयुक्त प्रदीप सिंह ने इस सफलता पर खुशी जताई है।
स्वच्छ सर्वेक्षण ग्रामीण 2025 क्या है और इसका लक्ष्य क्या है?
इस सर्वेक्षण की शुरुआत केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल ने 29 मई 2025 को की थी। इसका मुख्य मकसद ग्रामीण इलाकों में साफ पानी की सुरक्षा और स्वच्छता के मॉडल को मजबूत करना है। यह सर्वे देखता है कि स्वच्छ भारत मिशन-ग्रामीण के दूसरे चरण के तहत जो ओडीएफ प्लस (ODF Plus) मॉडल अपनाया गया, वह कितना टिकाऊ है। इसमें देश के 34 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 761 जिलों के करीब 21,000 गांवों की जांच की गई।
भागलपुर ने कैसे हासिल किया पहला स्थान?
भागलपुर ने लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान के दूसरे चरण में राज्य स्तर पर भी पहला स्थान पाया है। जिले में 1,03,396 परिवारों को शौचालय बनाने के लिए प्रेरित किया गया। इसके अलावा, आम लोगों की राय यानी नागरिक प्रतिक्रिया के मामले में भी भागलपुर सबसे आगे रहा, जहां बिहार में सबसे ज्यादा 1,64,000 प्रतिक्रियाएं दर्ज की गईं। डेटा की शुद्धता के लिए इसमें जियो-फेंसिंग और एक खास मोबाइल ऐप का इस्तेमाल किया गया।
सर्वेक्षण के अंकों का बंटवारा कैसे किया गया?
पूरे मूल्यांकन के लिए 1000 अंकों का पैमाना रखा गया था, जिसे अलग-अलग हिस्सों में बांटा गया:
- सेवा स्तर की प्रगति: 240 अंक (30%)
- गांवों में स्वच्छता का सीधा अवलोकन: 540 अंक (40%)
- स्वच्छता ढांचे की कार्यक्षमता: 120 अंक (20%)
- नागरिकों से मिली प्रतिक्रिया: 100 अंक (10%)
Frequently Asked Questions (FAQs)
स्वच्छ सर्वेक्षण ग्रामीण 2025 में भागलपुर का स्थान क्या रहा?
भागलपुर ने पूर्वी भारत के 115 जिलों (बिहार, झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल) में प्रथम स्थान प्राप्त किया है।
इस सर्वेक्षण का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इसका उद्देश्य ग्रामीण भारत में सतत स्वच्छ जल सुरक्षा और स्वच्छता मॉडल के परिणामों का आकलन करना और ओडीएफ प्लस मॉडल की स्थिरता को जांचना है।